कैबिनेट : 7वें वेतन आयोग में संशोधन को मंजूरी, बहाल होंगे 100 कनीय अभियंता

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पटना : बिहार कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में कुल 11 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. इनमें मुख्य तौर पर आपातकालीन स्थिति के लिए किसानों को डीजल सब्सिडी और राज्य में कई क्षतिग्रस्त तटबंधों, बराज एवं अन्य संरचनाओं के मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत करना शामिल है. साथ ही कैबिनेट ने भवन निर्माण विभाग में संविदा पर 100 कनीय अभियंताओं के नियोजन की स्वीकृति भी दी है.

7वें वेतन आयोग में पे-मैट्रिक्स में संशोधन

मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि राज्य वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में पे-मैट्रिक्स में कुछ संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है. 15 मई को ही कैबिनेट ने जीएस कंग की अध्यक्षता वाले सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं पर अपनी सहमति दी थी. बाद में पता चला कि वेतनमान के चौथे और सातवें स्तर के प्रतिशत में कुछ कमियां रह गई हैं. इन्हें दूर करने के बाद लाए गए प्रस्ताव को आज कैबिनेट ने मंजूरी दी.

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साइंस सिटी के लिए 397 करोड़

कैबिनेट ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर पटना में साइंस सिटी की स्थापना के लिए 397 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं. इस राशि से साइंस सिटी का भवन निर्माण किया जाएगा. साथ ही अन्य प्रकार के निर्माण भी होंगे. चालू वित्तीय वर्ष में इस राशि में से 94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

अन्य निर्णय

सरकार ने मानसून, बाढ़ और सूखे जैसी आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर वर्ष 2017-18 में किसानों की डीजल सब्सिडी के लिए 175 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इसके साथ ही साल 2016 से क्षतिग्रस्त तटबंधों, बराज एवं अन्य संरचनाओं के मरम्मत के लिए 251 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं. कैबिनेट ने भवन निर्माण विभाग में संविदा पर एक सौ कनीय अभियंताओं के नियोजन की स्वीकृति भी दी. इसी तरह बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लि. में कंपनी सेक्रेटरी के एक पद सृजन की मंजूरी भी दी गई.

सौर नीति को मंजूरी

‘बिहार नवीन और नवीकरणीय उर्जा स्रोतों की संवर्धन नीति 2017 को मंजूरी दी. जब तक नई नीति प्रभाव में नहीं आती है तब तक 2011 की नीति ही प्रभावी रहेगी. इस नीति के लागू होने के बाद 2022 तक राज्य में पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल तरीके से बिजली की मांग को पूरा करने का कार्य किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य सौर उर्जा से 2969 मेगावाट, जैव ईंधन से 224 मेगावाट तथा 220 मेगावाट पनबिजली प्राप्त करना है.