कैबिनेट का फैसला : सिपाही बनने के लिए इंटर पास होना अनिवार्य

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पटना : राज्य कैबिनेट की बैठक आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में 8 विभिन्न एजेंडों पर मुहर लगाई गई. बैठक में इस प्रस्ताव पर भी मुहर लगी कि अब राज्य में होमगार्ड सिपाही बनने के लिए इंटर पास होना अनिवार्य होगा. पहले इसके लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक पास थी, जिसे बदल कर राज्य सरकार ने इंटर पास या इसके समकक्ष कर दी है. साथ ही होमगार्ड के जवान की मौत सेवाकाल के दौरान होने पर उसके आश्रितों को नौकरी देने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है.



बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा नियमावली में संशोधन

बैठक के बाद प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसके अनुसार अब सिपाही या उसके समकक्ष पदों पर न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता इंटरमीडिएट या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त समकक्ष परीक्षा की उत्तीर्णता रखी गई है. साथ ही सेवाकाल में बिहार गृह रक्षा वाहिनी के मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की अनुकम्पा के आधार पर गृह रक्षा वाहिनी सेवा के सिपाही/समकक्ष के पद पर नियुक्ति हेतु प्रक्रिया में आयुसीमा एवं शारीरिक मानदंड में शिथिलता देने की शक्ति महासमादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, बिहार को होगी.

अग्निशमन सेवा के लिए नए पदों का सृजन

गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के ही तहत बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2014 के अन्तर्गत महत्त्वपूर्ण भवनों में अग्नि से सुरक्षा हेतु पद सृजन की स्वीकृति दी गई है. इस बात की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी भवनों में तीन अथवा दो की संख्या में अग्निशमन पदाधिकारी के पद सृजन की स्वीकृति हुई है. तद्नुसार मुख्य सचिवालय भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, विश्वेश्वरैया भवन, मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ भवन तथा सूचना भवन हेतु तीन-तीन (एक फायर सब स्टेशन अफसर, दो फायरमैन) एवं नियोजन भवन, पटना हाईकोर्ट भवन तथा राज भवन हेतु दो-दो (एक फायर सब स्टेशन अफसर, एक फायरमैन) के पदों का सृजन किया गया है.

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राज्य आपदा रिस्पांस बल में नियुक्तियों की भी मंजूरी

इसके साथ ही कैबिनेट ने आपात स्थितियों से निपटने के लिए राज्य आपदा रिस्पांस बल में नई नियुक्तियों की भी मंजूरी दी है. राज्य आपदा रिस्पांस बल में भारतीय सेना/नौसेना के सेवानिवृत, कमीशन प्राप्त/ जूनियर कमीशन प्राप्त/ नन कमीशन प्राप्त अधिकारी एवं जवानों के साथ ही बिहार होमगार्ड (स्पेशल बटालियन) के जवानों की नियुक्ति की जायेगी. इनकी नियुक्ति संविदा के आधार पर होगी.

राज्य के सभी जिलों में ‘पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी’ का गठन करने की घोषणा कर दी गयी है. हालांकि, इसका गठन वर्ष 2007 में ही कर दिया गया था, लेकिन इसका क्रियाकलाप ठप पड़ा था. कैबिनेट के फैसले के बाद इसे अधिसूचित कर दिया गया है.

कोसी बेसिन के लिए समर्पित टीम

कैबिनेट ने बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना अंतर्गत ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ के लिए मैथमेटिकल मॉडलिंग सेंटर को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक डेडिकेटेड टीम के गठन की मंजूरी दी है. यह परियोजना वर्ल्ड बैंक द्वारा पोषित है.

पुनः बहाली

अजय कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जहानाबाद को न्यायिक सेवा में पुनः बहाली की मंजूरी भी दी गई है. साथ ही सेवानिवृत अनुवाद पदाधिकारी भृगुनाथ तिवारी को सहायक निदेशक (अनुवाद)-सह-सहायक विधान कौंसिल को अगले एक वर्ष तक संविदा के आधार पर नियुक्ति को मंजूरी भी दी गई है.

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