‘गौ-माता के बारे में ऐसा ख़्याल रखने वालों को पार्टी से तुरंत निकाले भाजपा’

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पटना : गौ-हत्या और गौ-रक्षा का मामला एक बार फिर देशभर में चर्चा में है. बिहार भी इससे अछूता नहीं रहा है. इससे संबंधित कई पक्ष सामने आ रहे है. केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पशु क्रूरता पर नए नियम बनाकर कई राजनीतिक दलों के निशाने पर है. कई राजनीतिक पार्टियों ने भाजपा पर धार्मिक मुद्दों के नामपर राजनीति करने का आरोप लगाया है. बीफ खाने और न खाने के मुद्दे पर रोज नए टकराव सामने आ रहे हैं. इस बीच बिहार के डिप्टी चीफ मिनिस्टर तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है.



तेजस्वी ने मेघालय के भाजपा नेता के बयान को लेकर हमला किया है. उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय के एक भाजपा नेता ने दावा किया था कि अगर वो राज्य में सत्ता में आते हैं तो गोमांस सस्ता किया जायेगा. तेजस्वी ने भाजपा नेता के इसी बयान पर हमला करते हुए कहा कि गौ-माता के बारे में ऐसा ख़्याल रखने वालों को पार्टी से तुरंत निष्कासित कर देना चाहिए. तेजस्वी ने इससे जुड़ी एक खबर को ट्वीट करते हुए यह बात कही.

मेघालय के भाजपा नेता बर्नार्ड मरक ने सोमवार को कहा था कि मेघालय में कई भाजपा नेता गोमांस खाते हैं. मेघालय जैसे शहर में गोमांस पर प्रतिबंध लगाने का सवाल ही नहीं उठता. मेघालय में भाजपा नेताओं को पहाड़ी क्षेत्रों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संवैधानिक प्रावधानों के बारे में अच्छी तरह पता है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी पार्टी 2018 में होनेवाले चुनावों में राज्य में सत्ता में आती है तो गो मांस पर प्रतिबंध नहीं होगा और बूचड़खानों को कानूनी रूप से मान्यता दी जाएगी, और इससे विभिन्न प्रकार के मांस की कीमतें घटेंगी.

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा पशु क्रूरता पर नए नियम बनाए जाने के बाद मवेशियों को हत्या के लिए मंडियों में बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे पशु व्यापारी और कत्लखानों के व्यापार पर असर पड़ने की बात कही जा रही है. केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ केरल की सीपीएम सरकार के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इस कानून को वापस लेने की मांग की है.

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