’13 संपत्तियां कुर्क हो चुकीं, अब नीतीश का और कितना अपमान करेंगे तेजस्वी’

लाइव सिटीज डेस्क : उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे की चर्चाओं और संभावनाओं से तेज हुई सियासत के बीच बीजेपी नेता सुशील मोदी एक बार फिर से हमलावर हो गए हैं. तेजस्वी पर तंज कसते हुए सुमो ने तेजस्वी पर मुख्यमंत्री पद की अवहेलना और अपमान का भी आरोप लगा दिया. उन्होंने वर्तमान काल की तुलना पिछली एनडीए सरकार के कार्यकाल से कर डाली.

गौरतलब है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सीबीआई औ ईडी के निशाने पर हैं. उनके बेटे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर बेनामी संपत्ति रखने के आरोप हैं. सीबीआई एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है. इस बीच उन पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी फिर हमला तेज कर चुके हैं. शुक्रवार को सुमो ने कहा कि, ‘इस्तीफा नहीं देकर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के निर्देश की अवहेलना ही नहीं कर रहे हैं बल्कि मुख्यमंत्री के पद का भी अपमान कर रहे हैं. मुख्यमंत्री की इच्छापर्यन्त ही कोई मंत्री के पद पर रह सकता है. साढ़े सात साल के एनडीए के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के संकेत मात्र पर मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया किसी को बर्खास्त करने की नौबत नहीं आई.

सुमो ने आरोप लगाया कि,’सीबीआई ने तेजस्वी यादव के खिलाफ गंभीर आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया है. तेजस्वी ने डिलाइट मार्केटिंग कम्पनी की 94 करोड़ बाजार मूल्य की सम्पति मात्र 64 लाख रुपये में अपने नाम लिखवा ली है. इनकम टैक्स ने तेजस्वी की डिलाइट मार्केटिंग की 9 परिसम्पतियों के साथ एके इंफोसिस्टम की 3 और दिल्ली में एबी एक्सपोर्ट की एक यानी कुल 13 सम्पत्तियों को कुर्क किया है.

सीबीआई और ईडी के आरोपों की गंभीरता बताते हुए सुशील मोदी ने कहा कि,’तेजस्वी यादव पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं कि अब कई वर्षों तक उन्हें दिल्ली में सीबीआई कोर्ट और इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल का चक्कर लगाना पड़ेगा. इसके बावजूद तेजस्वी यह प्रमाणित नहीं कर पायेंगे कि उनकी ये सारी सम्पति बेनामी नहीं है. क्या ऐसा व्यक्ति जिसे कोर्ट का चक्कर लगाने से फुर्सत नहीं मिलने वाली है मंत्री के संवैधानिक पद पर बना रह सकता है?’

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने सुबह बयान दिया था कि लालू प्रसाद भी अपनी संपत्ति घोषित करें. उस बयान का हवाला देते हुए सुशील मोदी ने कहा कि,’जदयू ने राजद को जो अल्टीमेटम दिया है भाजपा उसका समर्थन करती है. लालू प्रसाद भी अपनी सम्पति का खुलासा करें. यह साफ है कि तेजस्वी के पास कोई जवाब नहीं है इसीलिए तो वे पिछड़ा, नाबालिग और बदले की कार्रवाई का रट लगाए हुए हैं. मुख्यमंत्री अविलम्ब उन्हें बर्खास्त करें.’

गौरतलब है कि जदयू ने सुबह अचानक ही अपने प्रवक्ताओं की बैठक जदयू कार्यालय में बुलवाई थी. इसके बाद ही यह संकेत मिलने लगे थे कि अब महागठबंधन में सहयोगी राजद पर हमले तेज होंगे. बेनामी संपत्ति विवाद से उपजे इस विवाद ने न सिर्फ विप​क्ष में भी हाशिए पर बैठे बीजेपी नेताओं को संजीवनी दी है.

बल्कि महागठबंधन के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.