अब मुश्किल में तेजप्रताप, पेट्रोल पंप मामले में BPCL ने भेजा नोटिस

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पटना : बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव पेट्रोल पंप मामले में फंसते नजर आ रहे हैं. भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने फर्जी कागजात के सहारे पेट्रोल पंप हासिल करने के आरोपों को लेकर तेजप्रताप यादव को नोटिस जारी कर दिया है. कंपनी ने जारी नोटिस में तेजप्रताप यादव से 15 दिनों के अंदर लिखित में जवाब मांगा है.

BPCL की नोटिस के अनुसार तेजप्रताप पर बिहार सरकार में मंत्री, जो कि लाभ का पद है, पर रहते हुए पेट्रोल पंप हासिल करने का आरोप है. कंपनी ने इसे डिस्पेंसिंग पंप एंड सेलिंग लाइसेंस (DPSL) अग्रीमेंट का उल्लंघन बताया है. इसके साथ ही नोटिस में कहा गया है कि तेजप्रताप ने जब पेट्रोल पंप लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, उस वक़्त उन्होंने कहा जमीन के स्वामित्व की बात कही थी. जबकि असल में वो उक्त जमीन के मालिक नहीं थे.

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गौरतलब है कि बिहार भाजपा नेता सुशील मोदी ने बीते दिनों आरोप लगाया था कि तेजप्रताप को गलत तरीके से पेट्रोल पंप आवंटित कर दिया गया है. उन्होंने कहा था कि अधिकारियों ने कागजात में हेरा-फेरी करके तेजप्रताप को पेट्रोल पंप आवंटित किया था. देखें BPCL ने क्या लिखा है नोटिस में –

 

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सुशील मोदी ने आरोप लगाया था कि पेट्रोल पंप की यह जमीन तेजप्रताप को नहीं, बल्कि उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव को लीज पर मिली थी. AK इंफोसिस्टम ने 2012 में तेजस्वी यादव को 130 डिसमिल जमीन लीज पर दी थी. अमित कात्याल ने एके इंफोसिस्टम को 30 लाख रुपये का कर्ज दिया था.

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