मैट्रिक रिजल्ट की तैयारी में BSEB, फिजिकल वेरिफिकेशन से गुजर कर बनेगा टॉपर

पटना : इंटर आर्ट्स टॉपर मामले में हुए हंगामे के बाद बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है. इंटर के बाद अब बिहार के लाखों स्टूडेंट्स को मैट्रिक के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. पूर्व में आई ख़बरों के अनुसार मैट्रिक का रिजल्ट आगामी 15 जून के आसपास कभी भी जारी किया जा सकता है. इसकी तैयारी भी बिहार बोर्ड में जोर-शोर से की जा रही है.

बिहार बोर्ड अब मैट्रिक के टॉपर में किसी तरह का विवाद नहीं चाहता है. इसके लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं. मैट्रिक टॉपर के चुनाव में जो सबसे जरुरी कदम उठाया जा रहा है वो है संभावित टॉपर का बोर्ड सदस्यों के सामने साक्षात्कार. यानी फिजिकल वेरिफिकेशन. बोर्ड सूत्रों के अनुसार इंटर आर्ट्स की तरह आगे गड़बड़ी न हो, इसके लिए फुलप्रूफ व्यवस्था की जा रही है. अब केवल परीक्षा में अंक लाने से काम नहीं चलेगा. बोर्ड के टेस्ट में जो सफल होंगे, उन्हें ही टॉपर लिस्ट में शामिल किया जाएगा. इस के बाद उन्हें विशेषज्ञों की टीम के सामने इंटरव्यू भी देना होगा.

शिक्षा मंत्री ने दिया था निर्देश

शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के निर्देशों के अनुसार बिहार बोर्ड ने इस बार मैट्रिक टॉपर का फिजिकल वेरिफिकेशन और इंटरव्यू कराने का भी फैसला किया है. उन्होंने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में इस बारे में जानकारी दी थी. अशोक चौधरी ने कहा था कि इस नई व्यवस्था से गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी.

गौरतलब है कि इंटर आर्ट्स टॉपर मामले में लाइव सिटीज के खुलासे के बाद हारकर में आये बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने टॉपर गणेश को उम्र में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में जेल भेज दिया था. खुलासे में यह पता चला था कि किस तरह स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल में बेहिसाब नंबर देकर पास कराने की कोशिश की जाती है. इसके बाद शिक्षा मंत्री ने भी माना था कि प्रैटिक्कल के होम सेंटर में गड़बड़ी होने के चांस हैं और आगे से प्रैक्टिकल के सेंटर बदलने का भी संकेत दिया था. उन्होंने कहा था कि हमलोग शिक्षा विभाग को क्लीन में लगे हैं. लेफ्ट कार्रवाई करते हैं तो राइट में गड़बड़ी हो जाती है. पूरे प्रोसेस को ठीक करने में समय लगेगा. एक साल में सबकुछ ठीक नहीं किया जा सकता है.