बोले नीतीश, बेटी पैदा हुई तो मायूसी वाली मानसिकता बदलनी होगी

पटना (नियाज़ आलम): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर शराबबंदी और नशाबंदी के साथ बाल विवाह पर रोक लगाने की वकालत की है. शनिवार को ज्ञान भवन में आयोजित पाटलीपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के उद्घाटन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के कुपोषित होने में बाल विवाह एक बड़ा कारण है.

कम उम्र में शादी और उसके बाद गर्भवति होने से पहले तो मां कुपोषित होती है और उसके बाद नवजात शिशु भी कुपोषित पैदा होता है. उन्होंने कहा कि बाल विवाह गैर कानूनी है, इसके लिए सामाजिक जागरूकता फैलाने सके साथ अभियान चलाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केवल कानून से कुछ नहीं होगा बल्कि इसके लिए जनचेतना की जरूरत है.

मुख्यमंत्री ने शराबबंदी का उदाहरण देते हगुए गकहा कि 1 अप्रैल 2016 को शराबबंदी के फैसले से पहले इसके प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया था. इस दौरान 1 करोड़ 19 लाख लोगों ने शपथ पत्र देकर शराब कहा था कि वह खुद भी शराब नहीं पियेंगे और दूसरों को भी शराब पीने से मना करेंगे. 9 लाख दीवारों पर शराबबंदी को लेकर नारे लिखे गए थे और यह सब सरकारी खर्चे पर नहीं बल्कि जनता ने किया था. उन्होंने मीडिया से भी कहा कि राजनीतिक वाक युद्ध की चर्चा के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य को भी जगह दीजिए.

उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से टॉपर घोटाले की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सरकार का हर चीज की तरफ कई बार ध्यान नहीं जाता लेकिन मीडिया के माध्यम से पता चलता है. उन्होंने कहा कि सामाजिक मसले काफी जटिल हैं, उस पर ध्यान कम जाता है. युवा संसद में शराबबंदी और बेटियों की महत्ता पर किए गए नुक्कड़ नाटक के मंचन की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काफी प्रभावी है. आज समाज में यही हो रहा है. बेटे पैदा होने पर खुशी मनाते हैं और बेटियों के पैदा होने पर दुखी हो जाते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी मानसिकता को बदलने की जरूरत है. नीतीश कुमार ने कहा कि आज शिशु मृत्यु  दर में तो काफी कमी आई है लेकिन उसमे कन्या शिशु दर में कमी देखने को नहीं मिल रही. इससे पता चलता है कि लोग बेटों के बीमार पड़ने पर पूरा ख्याल रखते हैं लेकिन बेटियों के मामले में भगवान भरोसे छोड़ देते हैं कि बची तो बची. उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है. सृष्टि नर और नारी दोनों से चल रही है. अगर नारी नहीं रही तो यह अपने आप समाप्त हो जाएगी.

नीतीश कुमार ने युवा संसद की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज युवाओं को इस तरह से आगे आते देख कर काफी प्रसन्नता होती है. जो हम उम्र के इस पड़ाव पर सोच रहे हैं वहीं हमारे युवा भी सोच रहें हैं तो देश का भविष्य तो उज्जवल ही होगा. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन होता रहे तो समाज को बदलने से कोई नहीं रोक सकता.

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