Selfie-CD कांड : नीतीश कुमार ने आरोपी को बाहर किया, रमण सिंह साथ लिए घूम रहे हैं

– रुद्रप्रताप सिंह –

पटना : जहरीली शराब के मामले में कभी जेल गए एक शख्स राकेश सिंह के साथ सीएम नीतीश कुमार की सेल्फी ने विरोधी दलों को उन पर हमले का अवसर दे दिया है. विरोधी दल इस खतरे से बेफिक्र होकर सीएम पर हमला कर रहे हैं कि आज के दौर में ऐसा हादसा किसी के साथ हो सकता है. मुख्य विपक्षी दल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव इसी से मिलते-जुलते संकट से दो-चार हो रहे हैं. याद होगा कि पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के एक आरोपी की तस्वीर तेजप्रताप के साथ है. इसी आधार पर उनके खिलाफ अदालती नोटिस जारी है. वह सेल्फी नहीं है. तस्वीर है.

यहां भी भारी पड़े नीतीश

इस मामले में भी नीतीश कुमार दूसरे राजनेताओं पर भारी पड़े हैं. विपक्ष को खबर मिलती, उससे पहले ही नीतीश सावधान हो गए. जैसे ही उन्हें गलत आदमी के साथ सेल्फी की जानकारी मिली, उन्होंने जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को तलब किया. कहा कि राकेश सिंह को जदयू से बाहर किया जाए. उनकी जगह कोई और होता तो ढिठाई से जवाब देता – हमारे पास रोज सैंकडों लोग मिलने आते हैं. किसी के माथे पर कहां लिखा रहता है कि वह साधु है कि क्रिमिनल. ठीक इससे उलट उन्होंने पार्टी में किसी आदमी को शामिल करने की प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिया – जाने कैसे-कैसे लोग पार्टी में चले आते हैं.

नीतीश कुमार के साथ शराब कांड के आरोपी रहे राकेश सिंह की वह सेल्फी, जिसे लेकर हंगामा बरपा है.

भाजपा को भी दिखाया आइना

इस प्रकरण के बहाने नीतीश कुमार ने अनजाने में ही अपने नए बने दोस्त भाजपा को भी आईना दिखा दिया है. अभी पूरे देश में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मिनिस्टर राजेश मूणत का सेक्स सीडी वायरल है. भाजपा खुद को अधिक नैतिकतावादी पार्टी मानती है. छत्तीसगढ़ के सीएम रमण सिंह खुद को पाक-साफ बताते हैं. लेकिन, दाग लगने के बाद भी रमण सिंह अपने मंत्री राजेश मूणत का ही साथ दे रहे हैं. मंत्री के बदले उस पत्रकार को जेल भेज दिया गया है, जिस पर कथित सेक्स सीडी रखने का आरोप है. छत्तीसगढ़ में अगले साल के नवंबर महीने में विधानसभा का चुनाव होना है. राजेश मूणत का सीडी प्रकरण चुनावी मुद्दा बन सकता है. वहां भी विरोधी कांग्रेस पार्टी हंगामा कर रही है. लेकिन, सत्तारूढ़ भाजपा सीडी प्रकरण को दबाने का उपाय कर रही है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह ने सेक्स सीडी में दिखे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने के बदले सीडी रखने के आरोपी पत्रकार विनोद वर्मा को ही गिरफ्तार करा दिया.

सवाल छवि का है

विरोधी लाख प्रचार करें, नीतीश कुमार अपने लिए तय नैतिक मानदंड पर ही चलते हैं. इससे समझौता करते तो राजद से दोस्ती नहीं खत्म होती. आय से अधिक संपत्ति के मामले में तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का सिर्फ नाम आया था. कोई चार्जशीट तैयार नहीं हुआ था. नीतीश चाहते थे कि पूरी तरह बरी होने तक तेजस्वी उनके कैबिनेट से बाहर चले जाएं. तेजस्वी की ओर से यह तर्क दिया गया कि चार्जशीटेड आदमी अगर केंद्रीय कैबिनेट में रह सकते हैं तो बिना चार्जशीट के उनके राज्य कैबिनेट में बने रहने में भला क्या परेशानी है. हालांकि तेजस्वी की ओर से यह जवाब भाजपा को दिया जा रहा था. तब भाजपा विपक्ष में थी. भाजपा लालू प्रसाद के आवास पर सीबीआई की छापेमारी और पूछताछ के आधार पर तेजस्वी से इस्तीफे की मांग कर रही थी. नीतीश ने समझौता नहीं किया. इस दौरान उनकी सरकार दांव पर लग गई. यह दूसरी बात है कि राजद से अलग होने के बाद वे फिर से भाजपा के साथ मिलकर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए.

(लेखक रुद्रप्रताप सिंह पोलिटिकल एनालिस्ट हैं. डिस्‍क्‍लेमर : इस आलेख में व्‍यक्‍त किये गये विचार और तथ्‍य लेखक के हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्‍यावहारिकता अथवा सच्‍चाई के प्रति LiveCities उत्‍तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्‍यों की त्‍यों प्रस्‍तुत की गई है. कोई भी सूचना अथवा व्‍यक्‍त किये गये विचार LiveCities के नहीं हैं तथा LiveCities उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्‍तरदायी नहीं है.)