आज की रात बहुत कातिल है प्रभुनाथ सिंह के लिए

पटना: राजद नेता व महाराजगंज के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के लिए आज 22 मई की रात बहुत कातिल है . 22 साल बाद प्रभुनाथ सिंह को विधायक अशोक सिंह मर्डर केस में दोषी करार दिया गया है . प्रभुनाथ अभी झारखंड के हजारीबाग जेल में दोषी करार दिए गए अन्य के साथ कैद हैं . कोर्ट कल मंगलवार 23 मई को सजा सुनाएगा कि प्रभुनाथ सिंह को कितने वर्षों की कैद ?


प्रभुनाथ सिंह का राजनैतिक भविष्य अशोक सिंह मर्डर केस में दोषी करारे जाने के बाद से ही अंधकारमय हो गया है . पिछले कुछ चुनावों में वे अपने बेटे को राजनीतिक क्षितिज पर स्थापित करने में लगे थे,लेकिन पूर्ण सफलता नहीं मिली है . मीडिया में यह खबर भी आई कि पिछले दिनों जब बेटे ने जेल में प्रभुनाथ सिंह से मुलाक़ात की,तो वे बस इतना कह पाए कि भरोसा रखो,सब जल्दी ठीक हो जाएगा . लेकिन,कड़वे सच को वे जानते हैं कि आगे की राह अब कठिन हो गई है .

rjd-leader-prabhunath-singh
परेशानी का बड़ा कारण यह भी है कि वे हजारीबाग जेल में कैद किये गए हैं . झारखंड में अभी रघुबर दास की भाजपा सरकार है . सो,कोई सहूलियत की उम्मीद यहाँ तो नहीं है . अशोक सिंह का मर्डर पटना में हुआ था . केस की सुनवाई को हजारीबाग इसलिए स्थानांतरित कर दिया गया था, क्योंकि अशोक सिंह के परिवार ने पटना में खतरा जताया था .

पटना पुलिस ने तब इस मर्डर केस में प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ बहुत साक्ष्य जुटाये थे . हत्या में शामिल लोगों का पाला तत्कालीन एसपी (सिटी) राजविंदर सिंह भट्टी से पड़ गया था . भट्टी केस की जांच को तब विशेष तौर पर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट शशिभूषण शर्मा को लेकर आये थे . मर्डर के बाद भूमिगत हो गए प्रभुनाथ सिंह पर इतना अधिक दवाब बन गया था कि उन्हें कुछ दिनों के भीतर ही छपरा पहुँच कर सरेंडर कर देना पड़ा था .

विधायक अशोक सिंह के मर्डर की पृष्ठभूमि यह थी कि विधान सभा चुनाव में इन्होंने प्रभुनाथ सिंह को हरा दिया था . इसके बाद ही यह चर्चा सरेआम हो गई थी कि अशोक सिंह जीत गए तो क्या हुआ,90 दिनों से अधिक दिनों तक जिंदा नहीं रहेंगे . फिर ठीक 90वें दिन उनकी हत्या बम मारकर पटना के स्ट्रैंड रोड स्थित सरकारी बंगले में कर दी गई थी .

इसे भी पढ़ें –

अशोक सिंह हत्याकांड में राजद नेता प्रभुनाथ सिंह गिरफ्तार

‘शहाबुद्दीन को पार्टी में रखने वाले लालू, प्रभुनाथ को क्यों निकालेंगे?’