बिहार भाजपा को शक, जीते 2 सांसद राष्ट्रपति चुनाव में कोविंद को नहीं दे सकते हैं वोट !

पटना : भाजपा के चुनाव-चिह्न पर 2014 का लोकसभा चुनाव जीते बिहार के 2 सांसदों के वोट के प्रति भारतीय जनता पार्टी बहुत आश्वस्त नहीं दिख रही है. माना जा रहा है कि दोनों राष्ट्रपति चुनाव में NDA प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को शायद वोट न करें. वैसे, कोविंद की जीत के प्रति आश्वस्त भाजपा सब कुछ जानते हुए भी इन दोनों सांसदों को बहुत भाव देने के मूड में अभी नहीं दिख रही है.

2009 और 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा प्रत्याशी के तौर पर कीर्ति झा आजाद दरभंगा से जीते. 2014 के चुनाव के बाद केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी. अरुण जेटली चुनाव हारने के बाद भी केंद्र में फाइनांस मिनिस्टर बने. कीर्ति झा आजाद का पंगा क्रिकेट पॉलिटिक्स को लेकर अरुण जेटली से पहले से चला आ रहा था. आजाद ने फिर से जेटली को ललकार दिया, पर यह महंगा पड़ गया.

भाजपा के नेशनल प्रेसिडेंट अमित शाह की सख्त हिदायत के बाद भी कीर्ति ने जेटली के खिलाफ आरोप लगाना बंद नहीं किया. तब भाजपा ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया. कीर्ति की पत्नी पूनम झा आजाद भाजपा से इस्तीफा दे विरोधी पार्टी में शामिल हो चुकी हैं. ऐसे में, बिहार भाजपा ही नहीं केंद्रीय नेतृत्व को भी यह लगने लगा है कि वे राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद को वोट नहीं करेंगे. पर, आधिकारिक तौर पर अभी कीर्ति झा आजाद ने कुछ भी नहीं बोला है.

भाजपा के संदेही रडार पर दूसरे सांसद पटना साहिब के एमपी बिहारी बाबू मतलब शत्रुघ्न सिन्हा हैं. पार्टी गिनती में उन्हें अपना सांसद तो जरूर मानती है, लेकिन भरोसे की लिस्ट में शामिल नहीं करती है. वे नरेंद्र मोदी के मूड-मिजाज को जानते हुए भी लालकृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने का कैम्पेन चला रहे थे. कोविंद की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद भी उन्होंने आडवाणी की प्रशंसा के पुल बांधे.

फिर, जब विपक्ष ने बाबू जगजीवन राम की बेटी और लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार को उम्मीदवार घोषित कर दिया, तो उन्होंने बिहार कनेक्शन का हवाला देकर सॉफ्ट स्टैंड लिया. 2015 से ही शत्रुघ्न सिन्हा बिहार में लालू प्रसाद के बहुत करीब चले गए दिखते हैं. बिहार की वर्तमान सियासत में जहां भाजपा का एजेंडा किसी तरीके से जदयू-भाजपा के गठबंधन को तोड़ देना है, वहीं शत्रुघ्न खुले तौर पर कहते रहे हैं कि दोनों के बीच बिहार हित में कोई दरार न पड़े. ऐसे में, राष्ट्रपति चुनाव के वोट में ये क्या करेंगे, गारंटी के साथ भाजपा भी नहीं जानती.

बिहार में एक और सांसद हैं, जो पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट करने वाले हैं. पप्पू यादव 2014 में लोकसभा का चुनाव मधेपुरा से राजद के टिकट पर जीते. बाद में, लालू यादव ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया. अब पप्पू की अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) है. वे एलान कर चुके हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद को वोट करेंगे.

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