NDA को दलित विरोधी कहने वाली पार्टियों को तमाचा है रामनाथ कोविंद का चुनाव

लाइव सिटीज डेस्कः एनडीए द्वारा बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज है. प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. केंद्रीय मंत्री और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान ने रामनाथ कोविंद को राजग की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करने का स्वागत करते हुये विपक्षी दलों से भी उनके नाम पर सर्वानुमति कायम करने का आह्वान किया है.

पासवान ने रामनाथ कोविंग को एनडीए के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जाने को पीएम नरेंद्र मोदी का मास्टर स्ट्रॉक बताया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक फैसला है. उन्होंने कहा कि दलितों के हितों की लड़ाई सड़क से संसद और अदालतों तक लड़ने वाले कोविंद राष्ट्रपति पद के लिये सवर्था योग्य उम्मीदवार हैं.

रामविलास पासवान ने विपक्षी दलों से भी रामनाथ कोविंद के नाम पर सर्वानुमति कायम करने की अपील करते हुये कहा कि उनके नाम का विरोध करने वाले दल दलित विरोधी माने जायेंगे. उन्होंने कोविंद के चयन को मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक बताते हुये इसे उन दलों के गाल पर करारा तमाचा बताया जो अब तक राजग सरकार को दलित विरोधी बता रहे थे.

बाहरहाल एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद को उम्‍मीदवार बनाकर अपना दांव चल दिया है. कोविंद का नाम सामने आने के बाद जहां कुछ दलों ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा भी कर दी है वहीं विपक्ष अभी तक असमंजस में फंसा है. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें कोविंद का नाम पसंद नहीं आया तो कुछ उनकी पृष्ठभूमि को लेकर आपत्ति जता रह हैं.

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