‘पहले शरद ये तो बताएं, वे किस पार्टी के नेता हैं’

लाइव सिटीज डेस्क : जदयू के बागी सांसद शरद यादव का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है. उनके खिलाफ जदयू का हमला धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगा है. रविवार को जदयू की ओर से प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह व वरीय नेता आरसीपी सिंह ने एक साथ सांसद शरद यादव पर हमला बोला है.

दरअसल जदयू के बागी सांसद शरद यादव ने जदयू के पैरलल अपने गुट में पदाधिकारियों का मनोनयन किया है. छोटू सिंह वसावा को जहां पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, वहीं वरीय नेता अली अनवर को उपाध्यक्ष बनाया है. खास बात कि इसी कड़ी में रमई राम को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया है. इसी के विरोध में रविवार को जदयू ने शरद यादव पर बड़ा हमला किया है.

शरद यादव के बयान पर जदयू के वरीय नेता आरसीपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले शरद यादव तो बताएं कि वे किस पार्टी के नेता हैं. उन्हें तो पहले ये पता ही नहीं है कि वे किस पार्टी में रह गये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दरअसल राज्यसभा से शरद यादव की सदस्यता समाप्त होनेवाली है. ऐसे में वे राज्यसभा में अपनी सदस्यता बचाने के लिए नये-नये तिकड़म अपना रहे हैं.

आरसीपी सिंह ने यह भी कहा कि शरद यादव ने खुद पार्टी छोड़ी है. ऐसे में उनकी राज्यसभा की सदस्यता जाना तय है. उधर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण ने भी शरद यादव पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि शरद यादव की पार्टी से कार्यकर्ता नदारद हैं. उनकी पार्टी वकीलों के भरोसे चल रही है. गौरतलब है कि 30 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता पर सुनवाई होने वाली है. सुनवाई में पक्ष रखने के लिए शरद यादव को नोटिस भेजा गया है.