केंद्र सरकार कई मोर्चे पर पूरी तरह असफल : संजय सिंह

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फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क : मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल पर जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के जिस तीन साल की उपलब्धियों को लेकर बीजेपी के नेता ढिंढोरा पीट रहे हैं उसकी असलियत बिलकुल उलट है. कई मोर्चों पर केंद्र की सरकार पूरी तरह से असफल रही है.

सीमा सुरक्षा के मामले , बेरोजगारी के मामले, भूमी अधिग्रहण जैसे मामलों में केंद्र की सरकार पूरी तरह से असफल रही है. तीन साल में पड़ोसी देशों के साथ चल रहे सीमा विवाद नरेंद्र मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा है और ये इसमें सफल नहीं रहे है . बीते 3 सालों में मोदी सरकार की ओर से पाकिस्तान और चीन से सीमा विवाद सुलझाने में कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाए गए है. बीते 3 सालों में पाकिस्तान और चीन ने कई बार भारतीय सरजमीं पर अपना हक जताने का प्रयास किया, लेकिन मोदी सरकार इसको लेकर ठोस कदम नहीं उठा पाई.

जेडीयू के प्रवक्ता ने आगे कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान 2 करोड़ नौकरी पैदा करने का वादा करने वाले पीएम मोदी इस क्षेत्र में भी पूरी तरह से असफल रहे हैं. बीते तीन सालों में देश में बेरोजगारी की दर में वृद्धि हुई है. सिर्फ नौकरियां ही नहींं, बीते 3 सालों में लोगों को रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत दिए जाने वाले लोन के लाभान्वितों की संख्या में कमी आई है. इसके अलावा मोदी के 3 साल के कार्यकाल में स्थायी नौकरियों की संख्या में भी कमी आई है. फिर भी बीजेपी के लोग झूठी दलील में पीछे नहीं रहते हैं.sanjay2.jpg

संजय सिहं ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि लगातार लंबित चले आ रहे भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर भी नरेंद्र मोदी सरकार बीते 3 सालों में कोई ठोस कदम नहीं उठाई पाई है. किसान अपनी जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर हैं. वहीं, ऊंची विकास दर बनाए रखने के लिए सरकार पर उद्योगों को सस्ती और सुलभ जमीन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार किसानों को प्रताडित कर रही है. जमीन अधिग्रहण को लेकर बीजेपी और सहयोगी पार्टी और सरकार के भीतर भी सहमति नहींं है.

बीजेपी सरकार के तरफ से गांवों के विकास के लिए 11 अक्टूबर 2014 को शुरू की गई आदर्श सांसद ग्राम योजना भी परवान नहीं चढ़ पाई है. इस योजना के तहत पीएम मोदी ने देश के सभी सांसदों से एक-एक गांव को गोद लेकर विकास करने का आह्वान किया था. पीएम के आह्वान पर सांसदों ने गांव तो गोद ले लिए, लेकिन बड़ी संख्या में इन गांवों में ग्रामीणों की मूलभूत जरूरत के अनुसार भी विकास कार्य नहीं कराए गए. इसका मुख्य कारण ये है कि बीजेपी सांसदों ने ही इसमें दिलचस्पी ली.

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