नीतीश बोले – केन्द्र ने नहीं पूरे किये वादे, देश में वैकल्पिक नैरेटिव की जरूरत

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर साफ कर दिया कि सूबे में महागठबंधन की सरकार है और यह अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलेगी. सरकार के जो साझा कार्यक्रम तय हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार मजबूत है. इसमें कोई संशय नहीं है.

सोमवार को मुख्यमंत्री के लोक संवाद कार्यक्रम के बाद नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कई मुद्दों पर जवाब दिया. गुलाम नबी आजाद के वक्तव्य के संबंध में पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुये कहा कि इस संदर्भ में मैंने सभी कुछ पहले ही बता दिया है. आजाद साहब के बयान पर जदयू को जो कहना था वह कह दिया गया है. उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिये साझा कार्यक्रम को लागू करना हमारी प्राथमिकता है. सभी को अपनी मर्यादा का पालन करना चाहिये. यहां क्लिक कर देखें प्रेस कांफ्रेंस में क्या-क्या बोले नीतीश.

प्रेस की आजादी का पक्षधर

सोमवार को नीतीश कुमार खासकर मीडिया पर लगातार निशाना साध रहे थे. पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि महागठबंधन में ‘शैडो बॉक्सिंग’ हो रही है. इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि हमलोगों में तो कुछ नहीं हो रहा है, हां आपलोग ही ‘शैडो रिपोर्टिंग कर रहे हैं. आपलोग केवल हवा बना देते हैं.

पार्टी के स्टैंड पर नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू का स्टैंड बिल्कुल साफ है. पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में क्या हुआ, नहीं हुआ, यह प्रेस के लिए नहीं था, लेकिन मीडिया ने यह बात उछाल भी रही है तो हमलोग इस पर हट नहीं रहे हैं. मैं प्रेस की आजादी का शुरू से ही पक्षधर रहा हूं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजद की रैली को लेकर मीडिया में तरह-तरह की बातें आयीं, लेकिन वहां से अनौपचारिक न्यौता मिल चुका है.

केन्द्र ने वादे पूरे नहीं किये

वैकल्पिक एजेंडा के संदर्भ में पूछे गये सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किस प्रकार देश को आगे ले जाना चाहते हैं यह तय होना चाहिये. हर मुद्दों पर हमें अपनी बात रखनी चाहिये. उन्होंने कहा कि पी चिदंबरम साहब की किताब के विमोचन कार्यक्रम में भी हमने कहा था कि काॅग्रेस बड़ी पार्टी है, काॅग्रेस को अन्य पार्टियों को बुलाकर वैकल्पिक एजेंडा तैयार करना चाहिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज किसान का मुद्दा बैकग्राउंड में चला गया है. आज राष्ट्रपति चुनाव को इस तरह हाईलाइट किया गया है कि सारे मुद्दे बैकग्राउंड में चले गये हैं.

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जो वादे किये गये थे उसे पूरा नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि मेरा यह स्पष्ट मत है कि आज देश में वैकल्पिक नरेटिव की जरूरत है. सिर्फ एकता की बातें करने से काम नहीं चलेगा.

प्रधानमंत्री के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पीएम बनने की मेरी कोई लालसा नहीं है. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी का मैं शुरू से हिमायती रहा हूं. जब मैं एनडीए में था, उस समय भी हमने जीएसटी की प्रशंसा की थी. और, आज भी कर रहा हूं. इस पर कयास लगाने की जरूरत नहीं है. उपराष्ट्रपति चुनाव पर पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि पहले राष्ट्रपति चुनाव तो होने दीजिए. आपलोग यह जान लें कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद भी कुछ होनेवाला नहीं है. सबकुछ ठीक ठाक है. हमलोग एजेंडा पर काम करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. महागठबंधन के गठन के समय भी क्लियर एजेंडा था. तीनों पार्टियों ने मिलकर बिहार की सभी सीटों के लिए एक साथ उम्मीदवारों के नाम घोषित किये थे.

पटना की एसिड अटैक पीड़िता के संदर्भ में पूछे गये सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास अभी तक कोई चिटठी नहीं आयी है. पीटीआई में आये समाचार के माध्यम से जानकारी मिली. प्राप्त जानकारी पर हमने तत्काल कार्रवाई करने हेतु पटना आयुक्त को निर्देश दिया है. पीड़ित परिवार को पूरी मदद दी जायेगी. उन्होंने कहा कि एसिड अटैक में पीड़ित के इलाज, कानूनी कार्रवाई, सहायता देने के संबंध में हमारी पहले से नीति बनी हुयी है. हमने पटना आयुक्त को सभी पहलुओं को जाॅच करने का निर्देश दिया है.

इससे पहले मुख्यमंत्री ने लोक संवाद कार्यक्रम में पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, भवन निर्माण, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास एवं आवास, पंचायती राज, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, उद्योग, गन्ना उद्योग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, सूचना प्रावैधिकी एवं पर्यटन विभाग से संबंधित मामलों पर छह लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया.इसमें औरंगाबाद से आस्तिक शर्मा, बख्तियारपुर से दिनेश प्रसाद सिंह, पटना से रंजीत कुमार, बक्सर से विशाल कुमार ठाकुर, भागलपुर से दीपक कुमार झा ने अपने-अपने सुझाव एवं राय मुख्यमंत्री को दिये. प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तुस्थिति को स्पष्ट किया. लोगों से प्राप्त सुझाव एवं राय पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव को कार्रवाई करने हेतु निर्देषित किया.

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नगर विकास एवं आवास मंत्री महेश्वर हजारी, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, गन्ना उद्योग मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा, पर्यटन मंत्री श्रीमती अनीता देवी, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पी के ठाकुर, प्रधान सचिव मंत्रिमंडल समन्वय ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीश कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे.

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