तो क्‍या 21 अक्टूबर को अखिलेश सिंह की दावेदारी पर लालू प्रसाद की मोहर लगेगी !

पटना : नई दिल्‍ली की रिपोर्ट में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नये अध्‍यक्ष पद की दावेदारी में शकील अहमद, अखिलेश प्रसाद सिंह और मदन मोहन झा का नाम फाइनल राउंड में है. पर, एलान के पहले 21 अक्टूबर को पटना में एक बड़ा शो है. यह पोलिटिकल शो अध्‍यक्ष पद के सबसे बड़े दावेदार अखिलेश प्रसाद सिंह का है. बहाना डॉ. श्रीकृष्‍ण सिंह की 130 वीं जयंती का आयोजन समारोह है. अपने संगठन के माध्‍यम से अखिलेश सिंह जयंती समारोह का आयोजन प्रतिवर्ष करते हैं. इस वर्ष कांग्रेस भी साथ जुड़ गई है.

सालाना समारोह 2017 में कांग्रेस की पालिटिक्‍स में इसलिए ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण हो गया है कि नये अध्‍यक्ष का एलान होना है. और बड़ी बात यह है कि अखिलेश सिंह ने अपने समारोह में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को आमंत्रित किया है. कांग्रेस के साथ राजद का गठबंधन बना हुआ है. गठबंधन में लालू प्रसाद की भूमिका सदैव बड़े की रहेगी. ऐसे में, तय है कि वह भविष्‍य की राजनीति के हिसाब से कांग्रेस को भी बिहार में ठीक रखना चाहेंगे. जयंती समारोह के बहाने अखिलेश सिंह का पब्लिक स्‍ट्रेंथ सबों के सामने होगा.

लालू प्रसाद मौजूद रहे तो वे अपने नजरिये से पोलिटिकल स्‍ट्रक्‍चर को देखेंगे. जाहिर तौर पर इस जयंती समारोह में सर्वाधिक संख्‍या भूमिहारों की होगी. लालू प्रसाद देखना चाहेंगे कि अखिलेश सिंह के अध्‍यक्ष बनने से भूमिहारों के बीच कुछ भी स्‍कोप बनेगा क्‍या. उपेन्‍द्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी के साथ लालू प्रसाद नये समीकरण को गढ़ने में लगे हैं. कांग्रेस की पालिटिक्‍स में वैसे भी अब लालू प्रसाद की हैसियत नई दिल्‍ली में बढ़ी है.

पहले सोनिया गांधी लालू प्रसाद को और राहुल गांधी नीतीश कुमार को अधिक पसंद करते थे. लेकिन अब लालू प्रसाद का कोई ऑप्‍शन नहीं बचा है. कांग्रेस को पता है कि बिहार ही नहीं उत्‍तर प्रदेश में भी बगैर लालू प्रसाद की पहल के किसी महागठबंधन की नींव नहीं पड़ सकती है. अखिलेश सिंह ने जयंती समारोह के लिए राजधानी पटना में कई वेलकम गेट और बोर्ड-होर्डिंग लगवाये हैं. इसमें भी कांग्रेस की पालिटिक्‍स स्‍पष्‍ट है. हटाये गये प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष अशोक चौधरी सबों से गुल हैं. कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादरी को जगह मिली है.

प्रदेश कांग्रेस के दूसरे प्रमुख नेता मदन मोहन झा की तस्‍वीर भी कहीं ठीक से नहीं दिखी है. हां, सदानंद सिंह समीकरणों को साधने के लिए जरुर दिखे हैं. शकील अहमद भी हैं. मीरा कुमार और निखिल कुमार को भी स्‍पेस मिला हुआ है. कांग्रेस के नेशनल जेनरल सेक्रेट्री सीपी जोशी तो हैं ही, जिन्‍हें अखिलेश प्रसाद सिंह का सबसे बड़ा पैरोकार माना जाता है. इसी पैरोकारी की वजह से अशोक चौधरी सीपी जोशी का नाम सुनते ही हत्‍थे से उखड़ जाते हैं. खैर, कुछ भी हो बिहार से लेकर दिल्‍ली तक में अखिलेश सिंह के पोलिटिकल शो पर सभी कांग्रेसियों की नजर है.