अब राजनाथ-पीयूष पर बरसे यशवंत, कहा : कायम हूं अपने बयान पर

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फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क : एक बार फिर वरीय भाजपा नेता व पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा अपनी सरकार के खिलाफ हमलावर बने हुए हैं. 24 घंटे के अंदर वे दूसरी बार केंद्र सरकार की आर्थिक नीति पर अंगुली उठायी है. देश में गिरती अर्थ व्यवस्था के लिए मोदी सरकार को दोषी ठहराया है.

यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर फिर हमला किया है. उन्होंने दो टूक कहा कि देश में खराब अर्थ व्यवस्था के लिए 40 माह के बाद दूसरी सरकार को दोष नहीं दे सकते हैं. एनपीए पर काबू पाने के लिए काम ही नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि काम किया जाता तो बेशक देश को उपलब्धि मिलती. इस पर चिंतन करने की जरूरत है.

दरअसल भाजपा नेता व पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बुधवार को तंज कसते हुए कहा था कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी करीबी से देखा है. ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम कर रहे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी पास से दिखाएं. यह तंज भरा लेख एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित हुआ था. लेख में उन्होंने यह भी कहा था कि आज के समय में न ही नौकरी मिल रही है और न विकास तेज हो रहा है. इनवेस्टमेंट घट रही है और जीडीपी भी घट रही है.

उन्होंने यह भी लिखा कि इस सरकार में कैबिनेट का नाम तय होने से पहले ही यह तय माना जा रहा था कि अरुण जेटली ही वित्त मंत्री बनेंगे. अपनी लोकसभा सीट हारने के बाद भी उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक सका. इससे पहले वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन को भी वाजपेयी करीबी होने के बावजूद मंत्री नहीं बनाया गया था. लेकिन जेटली को वित्त मंत्रालय के साथ ही रक्षा मंत्रालय भी मिला. इस आलेख के छपने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसे बेबुनियाद बताया था. इसी पर यशवंत सिन्हा गुरुवार को फिर पलटवार किये हैं.

राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल के बयान पर तेवर अपनाते हुए यशवंत सिन्हा ने कहा कि उनके बयान से मैं सहमत नहीं हूं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां इसके लिए जिम्मेवार हैं. ग्रामीण अर्थव्यवस्था वाले देश में कैशलेस को पूरी तरह कैसे लागू किया जा सकता है. इसे लागू करने में ढेर सारी चुनौती है. आज लोगों में रोजगार को लेकर चिंता है. यह चिंता दूर करने की जरूरत है. एक झटके में भारत कैशलेस नहीं हो सकता है.

यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार ने आर्थिक नीतियों पर ठीक से काम नहीं किया. एक तो नोटबंदी को जल्दबाजी में लाया गया. वहीं नोटबंदी के परिणाम का इंतजार नहीं किया गया और नोटबंदी का नतीजा आने से पहले जीएसटी लागू कर दिया गया. बता दें कि यशवंत सिन्हा ने बुधवार को आर्थिक नीतियों पर हमला कर सियासत में खलबली मचा दी थी, जिसे विपक्ष ने मुद्दा बना लिया है. केंद्र को कठघरे में खड़ा देख केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल ने बयान देकर इसे बेबुनियाद बताया था. लेकिन गुरुवार को एक बार फिर यशवंत सिन्हा ने हमला कर उनके बचाव की हवा निकाल दी है.

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