‘कोचिंग संस्‍थानों के लिए गाइडलाइन बनाये सरकार, नहीं तो होगा आंदोलन’

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फाइल फोटो

पटना : जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने राज्‍य सरकार से कोचिंग संस्‍थानों के लिए गाइड लाइन जारी करने की मांग की है. राजधानी पटना में बुधवार को उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कोचिंग संस्‍थानों की मनमानी बंद नहीं हुई तो जन अधिकार पार्टी (लो) आंदोलन करेगी.

सांसद ने कहा कि पटना में संचालित कोचिंग संस्‍थानों की महंगी फीस और मनमानी के कारण छात्र और अभिभावक परेशान हैं. सरकार ने कोचिंग संस्‍थानों के लिए कोई गाइड लाइन नहीं बनाया है. कोचिंग संस्‍थान हाईकोर्ट के गाइडलाइन को भी नहीं मानते हैं. एक ही कमरे से 100 से अधिक छात्रों को पढ़ाया जाता है. विषय विशेष के शिक्षक दूसरे विषयों को भी पढ़ाते हैं. इससे शिक्षा की गुणवत्‍ता समाप्‍त हो जाती है. ये कोचिंग संस्‍थान आरटीई के तहत 25 फीसदी गरीब छात्रों को पढ़ाने का मानदंड भी नहीं मानते हैं.

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उन्‍होंने राज्‍य सरकार से मांग की कि एक माह के अंदर सरकार कोचिंग संस्‍थानों के लिए गाइडलाइन तय करे. फीस निर्धारित करे और 25 फीसदी गरीब व प्रतिभावान छात्रों की निशुल्‍क पढ़ाई सुनिश्‍चित करे. अन्‍यथा जन अधिकार पार्टी आंदोलन करेगी.

बता दें कि मधेपुरा सांसद बीते दिनों जेल से बाहर आने के बाद से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर हमलावर हैं. मंगलवार को उन्होंने बिहार के विधायकों की संपति की जांच प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि सोलहवीं बिहार विधान सभा में 156 विधायक करोड़पति हैं, जबकि 130 विधायकों के खिलाफ जघन्‍य अपराध के मामले दर्ज हैं. इसमें जदयू, भाजपा, राजद, कांग्रेस आदि दलों के विधायक शामिल हैं. एडीआर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया था कि 16वीं विधान सभा में जीते कई विधायकों की संपत्ति में पिछले विधानसभा के मुकाबले 10 गुना तक वृद्धि हुई है.

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