मीडिया व विपक्ष को जदयू का चैलेंज, गणेश से सभी विषयों के सभी सवाल पूछें

पटना (नियाज़ आलम) : इंटरमीडिएट परिणाम को लेकर विपक्ष के साथ अब मीडिया भी सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी के निशाने पर है. आर्ट्स टॉपर गणेश से पूछे  गए प्रश्नो को लेकर शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के बाद अब जदयू ने भी मीडिया को निशाना बनाया है. पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह और नीरज कुमार ने कहा है कि इंटर परिणाम के बाद मीडिया और विपक्ष के द्वारा ऐसी कई बातें कही गयी जो पूर्ण रूप से भ्रामक हैं. इसलिए हम आप सबसे ये गुजारिश करते हैं कि पहले तथ्यों को जान लें, उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे. 

उन्होंने कहा कि आर्ट्स टॉपर गणेश कुमार को आर्ट्स के सभी विषयों में अच्छे नंबर आये हैं. मीडिया ने मौखिक रूप से संगीत सम्बंधित जो भी सवाल किया उसका इंटर के परीक्षा में संगीत विषय में पूछे गए सवालों से कोई लेना देना नहीं था. उन्होंने कहा कि हम मीडिया और विपक्ष को गणेश से सभी विषयों के सभी सवालों को पूछने की चुनौती देते हैं. इसके साथ ही उसका मूल्यांकन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी की गयी मॉडल उत्तर पुस्तिका के आधार पर करें. अन्य साइंस और कॉमर्स के भी टॉपरों का भी मूल्यांकन इसी तरह से करें उसके बाद कहें की परीक्षा में किसी स्तर की धांधली हुई है.

संजय सिंह ने कहा कि कुछ विषयों में कम नंबर मिलना या नम्बरों का सही तरीके जोड़ा नहीं जाना एक स्वभाविक बात है और इसका बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने संज्ञान लेते हुए विद्यार्थियों के आवेदन पर सम्बंधित विषयों में प्राप्त अंकों की फिर से स्क्रूटनी करेगी. स्क्रूटनी की प्रक्रिया देश के सभी राज्यों के विद्यालय परीक्षा समिति में एक समान है. कम्पार्टमेंट परीक्षा में एक के बदले दो विषयों में फेल विद्यार्थियों को हाजिर होने की अनुमति दी गयी है. 

भाजपा नेता सुशील मोदी के आस-पास के जिलों में रिजल्ट के प्रतिशत में अंतर पर उठाए गए सवाल पर संजय सिंह ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्र साक्षर होते हैं और इसका किसी जिले की साक्षरता प्रतिशत से कोई लेना देना नहीं होता है. कुछ नेताओं द्वारा जिलों के साक्षरता प्रतिशत की तुलना उक्त जिले के पास विद्यार्थियों की प्रतिशत से की जा रही है, इस तरह की बात न सिर्फ हास्यास्पद है बल्कि उन नेताओं के बौद्धिक दिवालियेपन की भी निशानी है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाई स्कूल और इंटर के शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए शिक्षा विभाग को ब्लू प्रिंट बनाने का आदेश दिया है. जदयू प्रवक्ता ने कहा कि किसी परीक्षा में प्राप्त अंक ही किसी विद्यार्थी की प्रतिभा या योग्यता का प्रमाण नहीं होता है न ही किसी राज्य के शिक्षा प्रणाली का अवलोकन किसी एक वर्ष के परीक्षा परिणाम के आधार पर किया जाता है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित परिणाम से बिहार की शिक्षा प्रणाली और परीक्षा में किये गए व्यापक फेरबदल और अनियमितताओं के रोकथाम का असर साफ तौर पर दिख रहा है. इसे शिक्षा के दिशा में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जाना चाहिए.

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