संजय सिंह बोले – किसी भाजपा नेता को किसानों पर श्वेतपत्र मांगने का हक़ नहीं

पटना : भाजपा नेता सुशील मोदी द्वारा तीसरे कृषि रोडमैप से पहले श्वेतपत्र की मांग पर जदयू ने पलटवार किया है. जदयू प्रवक्ता सह विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा है कि जिन भाजपा शासित राज्यों में किसान आत्महत्या कर रहे है. भाजपा शासित राज्यो में किसानों पर पुलिसिया डंडा चल रहा हो. किसान सड़को पर आंदोलन करने को मजबूर हों. उस भाजपा के नेता सुशील मोदी को बिहार की सरकार से श्वेतपत्र मांगने का कोई हक़ नहीं है.

उन्होंने कहा कि वैसे भी सुशील मोदी को बिहार के लोगों से लेना देना नहीं है, वो तो बस गुजरात का भजन गाते है. यदि इतना ही किसानों के लिए मन में पीड़ा थी तो पीएम से कहकर किसानों का समर्थन मूल्य बढ़वाते. लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वो किसान के नाम पर राजनीति तो करना चाहते है लेकिन विकास नहीं करना चाहते है. वैसे भी बिहार सरकार सुशील मोदी से पूछ कर काम क्यों करेगी? सुशील मोदी की उनकी पार्टी में कोई पूछ नहीं है.

संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार जुमला नही करते हैं. सात निश्चय में आधा से ज्यादा के काम पहले ही साल में शुरु हो गए थे. विकास कार्यो में गति लाने और योजनाओ को ससमय लागू करने के लिए नीतीश कुमार ने बिहार विकास मिशन की स्थापना की है. इसके सात उपमिशन बनाए गए हैं. जिसमे कृषि उपमिशन भी है और कृषि उपमिशन के तहत कृषि रोड मैप और पशुपालन से जुड़े सभी योजनाओं को मिशन मोड़ में क्रियान्वयन किया जा रहा है.

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फाइल फोटो

जदयू नेता ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में कृषि महत्वपूर्ण योगदान रखता है. बिहार जैसे राज्य के लिए कृषि और भी महत्वपूर्ण है. यहां 76 फीसदी आबादी की जीविका कृषि और कृषि आधारित कार्यों पर निर्भर है. कृषि का विकास राज्य की प्राथमिकता रही है. कृषि उत्पादन की लागत पर 50 फीसदी जोड़ कर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की घोषणा प्रधानमंत्री ने किया था लेकिन अबतक इसकी घोषणा पीएम ने नहीं की. पिछड़ेपन से निकलकर विकास के राष्ट्रीय औसत स्तर को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है बिहार और इस जैसे अन्य पिछड़े राज्यों को विशेष दर्जा मिले. जिन राज्यों को विशेष दर्जा मिला है उन्होंने विकास किया है. नोटबंदी से बिहार में धान खरीद में जरुर थोड़ी कमी आई है लेकिन बिहार के सभी पैक्स धान को खरीद रहे है. सुशील मोदी एंड पार्टी बेवजह इस मामले को तूल दे रही है.

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