नीतीश के फैसले से शरद चिंतित, 1-2 दिनों में बड़े नेताओं से करेंगे बात

नई दिल्ली : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और फिर भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव नाराज हैं. उन्हें भी यकीन नहीं था कि पार्टी नेताओं से बात किये बिना नीतीश कुमार ऐसा फैसला ले लेंगे. शरद यादव अगले एक-दो दिनों में सभी पार्टियों के सीनियर नेताओं से बात करेंगे. यह कहना था जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव से मिलकर निकले जदयू सांसद अली अनवर और अरुण कुमार का.

अली अनवर ने कहा कि उनके बयान से शरद यादव भी सहमत थे. अनवर ने शरद यादव के घर के बाहर जमा मीडियाकर्मियों से कहा कि वो (शरद यादव) पार्टी के बड़े नेता हैं. हम सिर्फ उनसे अपनी बात कहने आये थे. वहीँ जदयू के प्रदेश महासचिव अरुण कुमार ने कहा कि शरद यादव अगले एक-दो दिनों में सबसे बात करेंगे.

अली अनवर ने यह भी कहा कि शरद यादव के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात अफवाह है. उन्होंने कहा कि यह बात खुद शरद यादव ने कही कि मीडिया में चल रही ऐसी ख़बरें अफवाह हैं.

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद इस फैसले से ‘नाराज’ बताये जा रहे नेताओं के साथ शरद यादव की बैठक उनके दिल्ली स्थित आवास पर चल रही थी. इस बैठक में जदयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर और केरल यूनिट के बीरेद्र कुमार भी शामिल थे. बैठक को लेकर शरद यादव के दिल्ली आवास के बाहर मीडिया कर्मियों की भारी भीड़ जमा है.

इससे पहले चर्चा यह भी थी कि शरद यादव की चुप्पी की वजह ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ भी हो सकती है. यह भी बताया जा रहा है कि अभी शाम को ही भाजपा नेता अरुण जेटली भी उनसे मुलाक़ात करेंगे. इस मुलाक़ात में अरुण जेटली, शरद यादव को मनाने की कोशिश करेंगे. शरद यादव ने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से भी मुलाक़ात की है. इस मुलाक़ात में क्या बातें हुई, इसका कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है.  सूत्रों के अनुसार शरद यादव की नीतीश कुमार से कोई बात भी नहीं हुई है. वो आज पटना में शपथग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे.

जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण से पहले खुद को दिल्ली स्थित अपने घर में कैद कर लिया है. घर के चारों तरफ पहरा बढ़ा दिया गया है. उनके घर में प्रवेश की अनुमति किसी भी मीडियाकर्मी को नहीं दी जा रही है. शरद यादव की इस चुप्पी के कई सियासी मायने लगाए जा रहे हैं. वहीं जदयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने भी बयान दिया था कि वह नीतीश के फैसले से खुश नहीं है. वह कभी भी बीजेपी के साथ जाना पसंद नहीं करेंगे.

गौरतलब है कि अब तक पूरे मामले पर शरद यादव की चुप्पी का रहस्य बरकरार है. उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं. शरद का राजनीतिक सफर मध्‍य प्रदेश से शुरू होकर यूपी और फिर बिहार होते हुए केंद्र सरकार तक रहा है. वह इस समय जनता दल यूनाइटेड से राज्‍यसभा सांसद हैं. तीन बार पार्टी के अध्‍यक्ष रहे हैं.