जदयू : क्या भाजपा कार्यकर्ताओं के बच्चों को सरकारी नौकरी मिल रही है?

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पटना (नियाज़ आलम) : केन्द्र की मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में उनके चुनावी वादे कितने पूरे हुए हैं, इसे लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है. इसी क्रम में बिहार की महागठबंधन सरकार के मुख्य घटक जनता दल (यू) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने मोदी पर सवा करोड़ लोगों को फंसाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव में दो करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री आज 20 हज़ार नौकरी भी नहीं दे पाए हैं.



केंद्र की मोदी सरकार के 3 साल पूरे होने के मौके पर प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में संजय सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी शिकारी की तरह निकले थे और सवा सौ करोड़ जनता का शिकार किया. जदयू प्रवक्ता ने केन्द्र सरकार के आंकड़े के हवाले से कहा कि पीएमओ के राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह लोकसभा में यह स्वीकार कर चुके हैं कि साल 2013 के मुकाबले 2015 में केन्द्रीय सेवाओं की सीधी भर्ती में 89 प्रतिशत की गिरावट आई है. इतना ही नहीं केन्द्रीय सेवाओं में अनुसूचित जाति/जनजाति, एवं अन्य पिछड़े वर्ग के नौकरियों में 90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. संजय सिंह ने कहा कि यह आंकड़े संसद पटल पर 29 मार्च, 2017 को रखा गया.

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पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह कैसा विकास है कि केन्द्रीय भर्तियों में 89 प्रतिशत रोज़गार के अवसर समाप्त हो गए. उन्होंने कहा कि जदयू भाजपा से कुछ सवाल पूछना चाहती है. उन्होंने कहा कि जदयू ये सवाल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं पूछ रही है बल्कि ये राष्ट्रनिर्माण से जुड़ा सवाल है.

जदयू के भाजपा से 7 सवाल –

  • 2 करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली भाजपा की केंद्र सरकार 20 हज़ार नौकरी भी नहीं दे पा रही है. उन्हें बताना चाहिए कि अब तक कितनी नौकरियां दी गईं?
  • अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ी जातियों की भर्ती में 90 फीसदी की कमी आई है, मात्र 8,436 भर्तियां हुई, क्या इसे पिछड़ा विरोधी न कहा जाए?
  • देश के युवाओं को हसीन सपने दिखने वाले लोग रिक्त स्थानों पर भी भर्तियाँ नहीं कर रहे हैं? कुल सरकारी नौकरी में 89 प्रतिशत की कटौती करते हैं, ऐसे में क्या इन्हें युवा विरोधी सरकार कहना गलत होगा?
  • छह महीने में मैन्यूफ़ैक्चरिंग सेक्टर में सिर्फ 12,000 नौकरियाँ पैदा हुई हैं, जबकि इस सेक्टर के लिए मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया का अभियान चलाया गया. इस पर केंद्र सरकार का क्या कहना है?
  • आईटी क्षेत्र और अन्य प्राइवेट क्षेत्रों में भारी छटनी चल रही है, जिसमें तकरीबन 10 लाख लोगों की नौकरी जाने का खतरा है, कटौती को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए है?
  • बेरोजगार युवाओं से कैसे राष्ट्र निर्माण करेंगे ? कैसे बनेगा भारत विश्व शक्ति अगर हमारे देश के युवाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलेगा?
  • क्या भाजपा कार्यकर्ताओं के बच्चों को सरकारी नौकरी मिल रही है ? आप सबको ये सवाल केंद्र सरकार से करना होगा कि भाजपा के सपनों के भारत में क्या सिर्फ पूंजीपतियों को ही जगह मिलेगी?

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