श्याम रजक के बयान से जदयू ने किया किनारा…

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार की सियासत इस वक्त ऐसे दौर में है, जिसे अनिश्चितता का चरम माना जा सकता है. सियासत के समर में चारों तरफ से बयानों की वर्षा हो रही है. लेकिन सियासी नफा—नुकसान का आंकलन इतना संकरा हो चुका है कि पार्टियां किसी भी बयान को अपना कह भी सकती हैं और निजी बयान कहकर ठुकरा भी सकती हैं. ताजा मामला जदयू विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक का है. जिनके बयान से पार्टी किनारा कर चुकी है.

बता दें कि श्याम रजक ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर तंज कसते हुए कहा था कि जदयू पार्टी का स्टैंड बिलकुल साफ़ है. पार्टी अपने स्टैंड से बिलकुल पीछे नहीं हटेगी. लालू प्रसाद अब बुजुर्ग हो चुके हैं. बुजुर्ग मानसिकता के कारण ही अब अनाप-शनाप भी बोले जा रहे हैं. श्याम रजक ने कहा कि जनता यदि सत्ता में बैठाती है तो बाहर का रास्ता भी दिखाती है.

रजक यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि लालू बुजुर्गियत में लगातार अनाप शनाप बयान दे रहे हैं. JDU अपने स्टैंड से कभी भी पीछे नहीं हटा है और न ही हटेगा. जहां तक फैसले का सवाल है तो नीतीश सही समय पर ही सही फैसला लेंगे. तेजस्वी पर तंज कसते हुए रजक ने कहा कि उनको अपने उपर खड़े हो रहे सवालों का जवाब देना चाहिये.

JDU के ही प्रवक्ता संजय सिंह ने भी लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू जी को दीवार पर लिखी लाइन पढ़ लेनी चाहिये. उन्होंने कहा कि शरद यादव ने भी हवाला में फंसने पर इस्तीफा दिया था, नीतीश ने भी इस्तीफा दिया था ऐसा में तेजस्वी का मसला कोई नया नहीं है. संजय ने कहा कि राजनीति में लोक लज्जा का भी विशेष महत्व होता है.

श्याम रजक के बयान पर राजद विधायक और मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पलटवार जरूर किया. लेकिन वक्त की नजाकत को समझते हुए कड़ा बयान देने से बचते दिखाई दिए. सिद्दीकी ने कहा कि जो कोई बोलता है बोलता रहे, लेकिन साठा पाठा होता है, लालू जी आज भी उतने ही सक्रिय हैं, जितना पहले थे. उन्हें अभी बुजुर्ग कहना जल्दबाजी होगी. वहीं जदयू ने भी श्याम रजक के बयान से किनारा कर लिया है.

बयान को श्याम रजक का निजी बयान बताया गया है.