बैलेट से चुनाव के विरोध में जदयू, राजद ने कहा – विचार होना चाहिए

पटना (नियाज आलम) : राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप वैसे तो काफी समय से लगते रहे हैं, लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम पर सियायत तेज़ हो गई है. दिल्ली विधानसभा में सत्तादारी आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज द्वारा ईवीएम हैक करने के डेमो ने सियासी गलियारों के साथ सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी. इसी बीच चुनाव आयोग के साथ ईवीएम के मसले पर हुई सर्वदलीय बैठक में जदयू ने जहां बैलेट से चुनाव का विरोध किया, वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने इस पर विचार करने की बात कही.

बैठक में शामिल जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद आरसीपी सिंह ने बिहार में पार्टी के पुराने अनुभव से कहा कि बैलट पेपर से चुनाव कराने के पुराने व्यवस्था का जदयू विरोध करता है. उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा ईवीएम- VVPAT से चुनाव कराने के प्रस्ताव का भरपूर समर्थन किया. सिंह ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि चुनाव में होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म करने और चुनाव कराने के लिए राजकीय कोष का निर्माण करने हेतु मुख्य चुनाव आयोग को कदम उठाना चाहिए.

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बैठक में जनता दल (यू) की ओर से आरसीपी सिंह के अलावा पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी एवं राष्ट्रीय महासचिव संजय झा भी उपस्थित रहे. दूसरी तरफ बैठक में शामिल आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा के मुताबिक हाल के महीनों में जनता के बीच ईवीएम को लेकर काफी शंका रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी मशीन का नहीं, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का संरक्षक है.

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फोटो : PIB

झा ने कहा कि मशीन एक साधन मात्र है जबकि ध्येय स्वतन्त्र और निष्पक्ष चुनाव है. साधन को टैम्पर प्रूफ बताने के लिए तमाम राजनीतिक दल और जनता को भरोसे में लेना होगा. उन्होंने कहा कि अगर मशीन में हेरफेर की खबरें, जैसा कि दिल्ली विधानसभा में दिखा, तो हम बैलेट पर क्यों नहीं जा सकते. झा ने कहा कि इस पर भी विचार होना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र एक मशीन के प्रशस्ति गान से नहीं बल्कि लोगों के भरोसे और विश्वास से चलना चाहिए.

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उधर बैठक में आयोग ने राजनीतिक दलों को आश्वस्त करने का प्रयास किया कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. साथ ही आयोग ने राजनीतिक दलों को ईवीएम हैक करने का खुला चैलेंज भी दिया है. आयोग इसके लिए रविवार और सोमवार का दिन मुकर्रर कर सकता है. बैठक में सात राष्ट्रीय तथा 48 क्षेत्रीय पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

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