नीतीश से मरांडी का हुआ मोहभंग, लालू से हुई मुलाक़ात के बाद झारखंड में हलचल

रांची : चारा घोटाले के सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद इन दिनों कोर्ट में हाजिरी लगाने के लिए प्रत्येक हफ्ते रांची आते ही हैं. बिहार में 26 जुलाई को सत्ता से बेदखल होने के बाद लालू प्रसाद की परेशानी और बढ़ी है. रांची में प्रवास के दौरान वे न सिर्फ कोर्ट में हाजिर होते हैं, बल्कि बचे घंटों में देश की नई सियासत को भी तय करने में लगे रहते हैं. शरद यादव के साथ रांची से वे लगातार संपर्क में हैं. पर आज गुरुवार को तो उन्होंने झारखण्ड की सियासत भी गरम कर दी.

हुआ यह कि शाम को अचानक सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखण्ड विकास मोर्चा के संस्थापक बाबूलाल मरांडी स्टेट गेस्ट हाउस में ठहरे लालू प्रसाद से मिलने को पहुँच गए. फिर बंद कमरे में बातचीत होने लगी. यह मुलाक़ात इतनी गोपनीय थी कि मरांडी के स्टेट गेस्ट हाउस में पहुँचने तक किसी को भनक नहीं लगी. जैसे ही वे पहुंचे, इसके बाद तेजी से मीडिया का जमावड़ा होने लगा.

बाबूलाल मरांडी और लालू प्रसाद की यह मुलाक़ात इसलिए महत्वपूर्ण है कि झारखण्ड 26 जुलाई के पहले तक मरांडी को बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के करीब महसूस कर रहा था. दोनों एकदूसरे के नजदीक जा रहे थे. कार्यक्रमों में शिरकत हो रही थी. मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे और बाद में भाजपा के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ने झारखण्ड में यह चर्चा तेज कर दी थी कि क्या मरांडी भी फिर से भाजपा के साथ चले जायेंगे. मालूम हो कि झारखण्ड राज्य के निर्माण के बाद भाजपा ने मरांडी को पहला मुख्यमंत्री बनाया था.

लेकिन आज लालू प्रसाद के साथ हुई मुलाक़ात ने सियासत का रंग ही बदल दिया. नए गठबंधन की चर्चाएँ शुरू होने लगी. कहा जाने लगा कि मरांडी नीतीश कुमार के भाजपा के साथ चले जाने से दुखी हैं. वे भाजपा के पक्ष में नहीं हैं. सो, राजनीति की खुली संभावनाओं के तहत लालू प्रसाद से आज मिलने को पहुंचे थे.

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