राम जेठमलानी का भरोसा : CM को जमानत मिली है, Deputy CM को भी रिलीफ मिलेगा

पटना : लालू प्रसाद अब आगे की लड़ाई की तैयारी में लग गये हैं. यह तय हो गया है कि तेजस्‍वी यादव बिहार के डिप्‍टी सीएम बने रहेंगे. लेकिन,उन्‍हें पता है कि कारण कुछ भी हो नीतीश कुमार अभी ठहर गये हैं,तो सीबीआई तेज हो जाएगी. सीबीआई ने तेजी दिखाई तो नीतीश कुमार फिर बिदकेंगे. तब हालात ज्‍यादा कठिन होंगे.

लालू प्रसाद ने सीबीआई की रेड के दिन मतलब 7 जुलाई को ही कानूनी परामर्श शुरु कर दिया था. 5 जुलाई को दर्ज सीबीआई की एफआईआर को देख लिया गया था. सबों को पता है कि लालू प्रसाद के सबसे बड़े लीगल एडवाइजर देश के सबसे बड़े और सबसे महंगे वकील राम जेठमलानी हैं. शायद इस कारण ही लालू प्रसाद ने राम जेठमलानी को बिहार से राज्‍य सभा में भेज रखा है, ताकि वे उनके मुकदमों को प्रायोरिटी के साथ देखते रहें. राम जेठमलानी भी लालू प्रसाद की तरह धुर नरेंद्र मोदी विरोधी हैं.

कोर्ट में लालू प्रसाद और परिवार की तरफ से मुकदमे में चाहे कोई भी वकील खड़ा हो,एडवाइजरी राम जेठमलानी की होती है. बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्‍वी यादव व अन्‍य के खिलाफ दर्ज सीबीआई के नये मुकदमे को राम जेठमलानी ने देख लिया है. वे कह रहे हैं, बहुत दम नहीं है. इधर इस बीच चर्चा यह भी तेज हो गई है कि सीबीआई लालू प्रसाद एंड फैमिली के खिलाफ एक और नया मुकदमा आय से अधिक संपत्ति (डीए) का दर्ज कर सकती है.

जानकार कह रहे हैं कि राम जेठमलानी ने यह सलाह दी है कि पहले एफआईआर को क्‍वैश कराने की प्रक्रिया में आगे बढ़ें. लड़ने को कई तर्क हैं. जमानत मांगने जाना पहले ठीक नहीं होगा. एफआईआर क्‍वैश कराने की याचिका रद भी हो गई, तो जमानत की दरख्‍वास्‍त लगाने का रास्‍ता खुला रहेगा. याचिका के निपटान तक सीबीआई को दंडात्‍मक कार्रवाई करने से मना करने की मांग की जाएगी.

राम जेठमलानी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्‍य मंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ कोर्ट के फैसले को आधार मानना शुरु किया है. वीरभद्र सिंह के खिलाफ भी सीबीआई ने मुकदमा दायर किया. आगे रेड मारी. फिर चार्जशीट भी जमा कराया. लेकिन कोर्ट ने वीरभद्र सिंह और उनकी पत्‍नी को अग्रिम जमानत दे दी. शर्त इंडिया से बाहर न जाने की लगा दी. हालांकि जमानत मांगने गये वीरभद्र सिंह ने उम्र और बीमारी का तर्क भी दिया था. ऐसी दलील लालू प्रसाद भी दे सकते हैं. उन्‍हें कई तरीके की बीमारियां हैं.

राम जेठमलानी मान रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश के चीफ मिनिस्‍टर वीरभद्र सिंह की तरह तो डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव सीबीआई के मामले में सीधे तौर पर भ्रष्‍टाचार करने के आरोपी भी नहीं हैं, ऐसे में कोर्ट से राहत मिलने की अधिक उम्‍मीद रखते हैं. पर,यह भी तय है कि सीबीआई किसी भी कीमत पर किसी को जमानत न होने देने के लिए हरसंभव कोशिश करेगी.

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