जदयू की बैठक : तेजस्वी यादव पर कुछ भी नहीं बोले नीतीश कुमार…

लाइव सिटीज डेस्क: बिहार का सियासी ड्रामा अपने पूरे उफान पर है. राजद और जदयू दोनों ही अपने विधायकों के साथ बैठक कर रहे हैं. दोनों ही पार्टियों के बयानवीर यदा—कदा बयान देकर सियासी सरगर्मी को हवा जरूर देते हैं लेकिन ये हवा किसी अंजाम तक जाती नहीं दिखती है. कुछ ऐसा ही रविवार को जदयू की बैठक में भी हुआ. बैठक तो हुई लेकिन उसमें तेजस्वी पर कोई भी चर्चा नहीं हुई. सियासी पण्डितों का कयास था कि चार दिन का अल्टीमेटम देने के बाद होने वाली जदयू की बैठक महागठबंधन का भविष्य तय करेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

रविवार को जदयू ने विधायकों की बैठक बुलवाई थी. बैठक की अध्यक्षता सीएम नीतीश कुमार कर रहे थे. बैठक इसलिए भी अहम हो जाती थी क्योंकि जदयू का दिया हुआ चार दिन का अल्टीमेटम अब पूरा हो चुका है. तमाम झंझावातों के बीच भी राजद अडिग है कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. बैठक के बाद जब जदयू विधायक बाहर आए तो उम्मीद थी कि शायद तेजस्वी पर कोई बड़ा फैसला इस बैठक में हो जाए.

लेकिन जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने ऐसी किसी भी अटकल को सिरे से खारिज कर दिया. ​वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि,’बैठक का मकसद राष्ट्रपति चुनाव के बारे में विधायकों को समझाना था. उन्हें वोट देने के ​तरीके से अवगत करवाया गया है. इस बैठक में तेजस्वी यादव या महागठबंधन के बारे में कोई भी चर्चा नहीं हुई है.

बैठक में शामिल कुछ विधायकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने सभी विधायकों को वोटिंग का तरीका बताया और कहा कि सभी विधायकों को पहली वरीयता का वोट रामनाथ कोविन्द को ही देना है. मोबाइल खुले रखने हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में संपर्क किया जा सके. सभी विधायकों को सुबह 10 बजे तक विधानसभा में पहुंचने का निर्देश दिया गया है. लेकिन न तो नीतीश कुमार ने और न ही किसी अन्य व्यक्ति ने तेजस्वी का नाम लिया है.’

बता दें कि कथित बेनामी संपत्ति मामले में तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी. इस आरोप के बाद जदयू ने जनता की अदालत में सफाई देने या फिर इस्तीफा देने के लिए राजद और तेजस्वी पर दबाव बढ़ा दिया था. जदयू के प्रवक्ताओं ने तेजस्वी का नाम लिए बिना कहा था कि जिस पर आरोप हैं, वह चार दिन में अपनी बेगुनाही जनता के सामने साबित करे.

ऐसे हालातों में उम्मीद थी कि संभव है कि महागठबंधन पर भी कोई फैसला इस बैठक में हो जाए लेकिन इस बैठक में तेजस्वी यादव पर कोई भी चर्चा नहीं हुई.