पासवान ने ‘फैमिली पॉलि​टिक्स’ में पछाड़ दिया लालू को

पटना : सत्‍ता ही नहीं गई, फैमिली पॉलि​टिक्स में भी लालू प्रसाद पिछड़ गये हैं . रामविलास पासवान ने बिना विधायकी के अपने छोटे भाई पशुपति कुमार पारस को बिहार मंत्रिपरिषद में शामिल कराकर बिहार की फैमिली पॉलि​टिक्स में बढ़त बना ली है . आशय यह भी कि बिहार में सत्‍ता भोग में लालू से बड़ा परिवार अब पासवान का परिवार है . यह दूसरी बात है कि पारस को छह महीने के भीतर सदन में भेजने को पासवान को अभी और मशक्‍कत करनी होगी . सब कुछ नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी की इच्‍छा पर निर्भर करेगा .

लालू का परिवार ऐसे पिछड़ा

लालू प्रसाद सजायाफ्ता होने के कारण अभी किसी पद पर नहीं हैं . चुनाव लड़ने पर मनाही है . परिवार में मीसा भारती राज्‍य सभा की सदस्‍य हैं . राबड़ी देवी बिहार विधान परिषद की सदस्‍य हैं . तेजप्रताप यादव और तेजस्‍वी यादव दोनों विधायक मात्र बचे हैं . मतलब कि लालू का परिवार सत्‍ता से पूरी तरह बेदखल हो चुका है .

पासवान फैमिली की बढ़त ऐसे बनी

रामविलास पासवान ने फैमिली की बढ़त के बाबत पशुपति कुमार पारस को बिना विधायक बने बिहार का मंत्री बनवाया . पहले भी रह चुके हैं . इसके लिए उन्‍होंने लोजपा के विधायक राजकुमार साह और राजू तिवारी को आगे नहीं किया . विधान पार्षद नूतन सिंह के नाम पर भी विचार नहीं किया गया . रामविलास पासवान स्‍वयं केन्‍द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं . मंझले भाई रामचंद्र पासवान समस्‍तीपुर से सांसद हैं . बेटा चिराग पासवान जमुई से लोजपा के सांसद हैं .

ये हैं बिहार के दूसरे मौजूदा राजनीतिक परिवार

पप्‍पू यादव मधेपुरा के सांसद हैं . राजद से जीते थे . बाद में राजद ने निकाला तो स्‍वयं की पार्टी जन अधिकार पार्टी (लो) बना ली . पत्‍नी श्रीमती रंजीत रंजन सुपौल से कांग्रेस की सांसद हैं . अभी हाल में उन्‍हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का सेक्रेट्री बनाया गया है . हिमाचल प्रदेश के चुनाव का चार्ज भी दिया गया है . सुपौल के छातापुर से नीरज कुमार बबलू भाजपा के विधायक हैं . उनकी पत्‍नी श्रीमती नूतन सिंह स्‍थानीय प्राधिकार की सीट से लोजपा की विधान पार्षद हैं .