हाई कोर्ट : CBSE स्कूलों की मनमानी पर 7 हफ़्तों में रिपोर्ट दें

पटना (एहतेशाम) :  सीबीएसई स्कूलों द्वारा मनमानी फीस, विद्यालयों में किताब-काॅपी एवं ड्रेस की बिक्री कर अभिभावकों का आर्थिक उत्पीड़न किये जाने के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा गठित जांच कमिटी की रिपोर्ट 7 सप्ताह के भीतर अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश पटना उच्च न्यायालय ने दिया है. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खंडपीठ ने संजीव कुमार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि राजधानी सहित सूबे के विभिन्न प्राइवेट सीबीएसई विद्यालयों में मनमाने तरीके से फीस वृद्धि सहित किताब-काॅपी एवं ड्रेस की बिक्री कर अभिभावकों का आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है. परंतु राज्य सरकार और ना ही केन्द्र सरकार द्वारा इस संबंध में कोई भी कार्रवाई की जा रही है.

मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इस बारे में एक 8 सदस्यीय जांच कमिटी गठित की गयी है. जो मामले की जांच कर रिपोर्ट सरकार को देगी. सरकार के इसी जवाब पर कोर्ट ने उक्त निर्देश दिया.

Patna-High-Court

पीने के पानी में आर्सेनिक क्लोराइड की मात्रा पर सवाल

बिहार के गंगा तटीय इलाकों में पीने के पानी में आर्सेनिक क्लोराइड की मात्रा अधिक होने से आमजनों को होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को पटना उच्च न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से दो सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खंडपीठ ने भरत सिंह की ओर से दायर लोकहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि भोजपुर, बक्सर सहित सूबे के गंगा तटीय इलाकों मेें पीने के पानी में आर्सेनिक क्लोराइट की मात्रा काफी अधिक पाई गयी है. पीने के पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने से इन इलाकों में निवास करने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. परंतु इस समस्या के निराकरण के प्रति न तो सरकार और ना ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है.

https://livecities.s3.amazonaws.com/uploads/2017/05/Patna-Guinea-House.jpg
फोटो साभार

राज्य महिला आयोग में रिक्त पदों पर सवाल

राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों के रिक्त पदों को भरने को लेकर दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना उच्च न्यायालय ने सूबे के समाज कल्याण विभाग को जवाब देने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खंडपीठ ने सुधीर कुमार ओझा की ओर से दायर लोकहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया कि राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों का पद रिक्त है. इस कारण सूबे में महिलाओं के साथ घट रहे घरेलू हिंसा सहित अन्य मामलों की सुनवाई में बाधा उत्पन्न हो रही है. इसलिए उन रिक्त पदों को अविलंब भरने का निर्देश राज्य सरकार को दिया जाय.