कोसी नदी पर बने पुल के घटिया निर्माण पर पटना हाई कोर्ट नाराज

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फाइल फोटो

पटना (एहतेशाम) : सहरसा जिला में कोसी नदी पर बने पुल के घटिया निर्माण पर नाराज पटना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खण्डपीठ ने अनिल कुमार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सहरसा जिला अंतर्गत सिमरी बख्तियारपुर से संख्या तक करीब चार किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण किया गया है. परंतु इस पुल के निर्माण कार्य में काफी अनियमितता बरतते हुए घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है. जिस कारण पुल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है. उन्होंने बताया कि पुल के निर्माण सामग्री का सैंपल जांच में भी घटिया सामग्री के उपयोग किये जाने की बात प्रमाणित हुई है. इस पुल का उपयोग किये जाने से बडी दुर्घटना की आशंका हमेशा बलवती रहेगी.

सीबीआई को भर्ती घोटाला मामले में निर्देश

पटना हाई कोर्ट ने फर्जी डिग्री के आधार पर बिहार के विभिन्न जिला में डाक विभाग में हुई बहाली की जांच तीन माह में पूरी करने का निर्देश सीबीआई को दिया है. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खण्डपीठ ने मनोज कुमार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. मामले में सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि इसकी जांच की जा रही है और कुछ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है. अदालत ने सीबीआई को साफ शब्दों में कहा कि वे हर हालात में इसकी जांच का कार्य तीन माह में पूरा करें.

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वेटनरी कालेज में अतिक्रमण पर जवाब तलब

एक अन्य मामले में पटना हाई कोर्ट ने राजधानी के वेटनरी कालेज में किस-किस स्थान पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसका पूरा ब्यौरा चार सप्ताह में हलफनामा के माध्यम से देने का निर्देश कालेज के प्राचार्य को दिया है. मामले के सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने वेटनरी कालेज के प्राचार्य को निर्देश देते हुए कहा कि स्थिति साफ होगी तभी सरकार को इसपर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा.