राजद ने दिखाया वीडियो : सुशील मोदी के नाम पर हो रही थी डीलिंग

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पटना (नियाज़ आलम) : राजद सुप्रीमो लालू यादव के ठिकानों पर छापेमारी के बीच भाजपा नेता सुशील मोदी पर राजद ने फिर पलटवार किया है. लालू परिवार को एक और हवाला कारोबारी विवेक नागपाल द्वारा संपत्ति दिए जाने के आरोप से आक्रामक हुए राजद ने सुशील मोदी को बेनामी संपत्ति का बादशाह करार दिया है.

मंगलवार को पार्टी कार्यालय में राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने प्रेसवार्ता की शुरुआत एक वीडियो से की. जिसमें कुछ लोग फ्लैट के सौदे की बात कर रहे हैं और उसकी विश्वसनीयता के लिए सुशील मोदी का नाम लिया गया. झा ने कहा कि इस वीडियो को देख कर आपके पैरों तले से ज़मीन खिसक जायेगी, जैसे मैंं हैरत में पड़ गया.  झा ने बताया कि वीडियो में जो शख्स सुशील मोदी का नाम लेकर सौदा पक्का करने की कोशिश कर रहा है उसका नाम अंकित मोदी और अंकुर मोदी है. ये दोनो सुशील मोदी के भाई की कंपनी के मार्केटिंग एजेंट हैं.

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झा ने कहा कि सुशील मोदी के सगे भाई आरके मोदी, उनके दो बेटे व दोनों बहु और चचेरे भाई महावीर मोदी खोखा कम्पनियों का मकड़जाल बना कर पिछले 15-20 वर्षों से मनी लॉन्ड्रिंग का गोरखधंधा चला रहे हैं. विशेषकर साल 2005 में सुशील मोदी के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद से ये लोग अबतक हज़ारों करोड़ की संपत्ति के मालिक बन गए हैं. उन्होंने कहा कि एक ज़माना था जब सुशील मोदी के पिता स्वर्गीय मोती लाल मोदी और उनके भाइयों की पटना में रेडीमेड कपड़ों की दुकान थी, जिससे उनके परिवार का गुज़ारा होता था. आज आर के मोदी की फ्लैगशिप कंपनी आशियाना होम्स प्रा. लि. की 7 subsidiary कंपनी और 2 associate कंपनी है. इसके अलावा आर के मोदी और ललित कुमार छवछरीया की सैंकड़ों खोखा कंपनियां हैं, जिनका काम मनी लॉन्ड्रिंग करना है.

मनोज झा ने बताया कि आशियाना होम्स के 4 प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं. इनमें से एक अशियाना मलबेरी गुड़गांव के सेक्टर-2 सोहन में और दूसरा दी सेंटर कोर्ट, सेक्टर 88ए गुड़गांव में है. इनमें एक में फ्लैट की कीमत 50 लाख के ऊपर है जबकि दूसरे में कोई भी फ्लैट एक करोड़ से कम का नहीं है. उन्होंने कहा कि आशियाना होम्स के साल 2014-15 के consolidate balance sheet के मुताबिक आर के मोदी इसके प्रबंध निदेशक और रोहित राज और मयंक राज मोदी निदेशक हैं. कंपनी के दीर्घ और लघु अवधि ऋण लगभग 400 करोड़ है. इनमें से 84 करोड़ के शून्य ब्याज दर के optionally convertible debentures और 87 करोड़ के redeemable non-convertible debentures हैं.

राजद प्रवक्ता ने आगे कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 के घाटे और लाभ का अवलोकन करने पर चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए. इनमें 400 करोड़ का लोन होने के बावजूद कंपनी का ब्याज पर खर्च मात्र 4 करोड़ 5 लाख रुपया है. उन्होंने सवाल किया है कि मोदी बताएं कि 84 करोड़ debenture में लगाया गया पैसा सुशील मोदी का है, उनके सगे संबंधियों का है, या उनकी ज़ात-बिरादरी के लोगों का या खोखा कंपनी बना कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई राशि है.

झा ने कहा है कि वो सभी साक्ष्यों के साथ प्रधानमंत्री को ज्ञापन देकर इस मामले की जांच कराने का आग्रह करेंगे. उन्होंने इस मामले में ईडी जाने की भी बात कही है.

झा ने कहा है कि देश का कानून इतना सशक्त है कि सबूत मिलने पर उचित करवाई करेगा.