बाबा साहेब के संविधान पर आंच नही आने देंगी मीरा कुमार : मनोज झा

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पटना (नियाज़ आलम) : राजद प्रवक्ता मनोज झा ने राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार बनाई गई मीरा कुमार को दलित विमर्श की ईमानदार प्रतिनिधि बताया है. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बाबू जगजीवन राम की सुपुत्री और बिहार की माटी की बेटी मीरा कुमार राष्ट्रपति पद के लिए साझा विपक्ष की उम्मीदवार घोषित की गई है. यह चुनाव महज राष्ट्रपति के पद का चुनाव नहीं है बल्कि यहां से समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष राजनीति का नया समावेशी स्वरूप उभरेगा.

उन्होंने कहा कि राजद का यह सतत प्रयास रहा है कि वंचितों और शोषितों के हक को संविधान को प्राथमिकता में रख कर तय किया जाय ना कि नागपुर वाले संघ के विधान के अनुरूप. आज हमें राष्ट्रपति भवन में एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जिसकी सोच, जिसका व्यक्तित्व और जिसका इतिहास खेत खलिहान से लेकर अन्य मज़लूमों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिला सके. अपने लंबे राजनीतिक जीवन में बिहार की इस बेटी ने कई ऊंचे मुकाम हासिल किए लेकिन ज़मीन से लगातार जुड़ी रही.

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मनोज झा ने कहा कि अपने विनम्र स्वभाव के लिए मशहूर मीरा कुमार के पास विदेशी मामलों का अद्भुत ज्ञान है. उनके पास क़ानून और संविधान की गहरी समझ है और वो किसी भी कीमत पर बाबा साहेब के संविधान पर आंच नही आने देंगी. वो 5 बार सांसद बनी. तीन अलग-अलग राज्यों यूपी, बिहार और दिल्ली से सांसद रही है. वो केंद्र सरकार में मंत्री रही और सामाजिक न्याय के मसलों पर इनकी पहल आज भी सराही जाती हैं. लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष की भूमिका में उन्होंने तमाम दलों को साथ ले चलने की अपनी अभूतपूर्व क्षमता का परिचय दिया. बिहार का मानस उनके पिता स्वर्गीय जगजीवन बाबू को कभी नहीं भुला सकता.

राजद प्रवक्ता ने कहा कि बाबू जगजीवन राम जिन्होंने दलित अस्मिता की लौ जलाई, वो कभी रबड़ स्टैम्प नहीं रहे. दलित स्वाभिमान के नाम पर उस वक़्त की सबसे मजबूत नेता इंदिरा गांधी से बग़ावत करके अलग पार्टी बना ली थी. बाबू जगजीवन राम के रक्षामंत्री रहते ही बांग्लादेश अलग देश बना. तमाम राजनीतिक दलों को यह सोचना होगा कि वो संविधान के रक्षार्थ एकजुट होंगे या फिर संघ के विधान को समर्थन देंगे. मीरा कुमार दलित विमर्श की ईमानदार प्रतिनिधि है. दलित भी हैै, और महिला है. बस गलती इतनी है कि संघी नहीं है.

झा ने कहा कि मीरा कुमार हिंदुस्तान के मिजाज के अनुरूप सहनशील और विवेकशील है. हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अन्य दलों से भी अपील की है कि भाजपा के संकीर्ण मनुवादी सोच को शिकस्त देने के लिए साझा विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में मतदान करें ताकि संविधान पर छाए दक्षिणपंथी अधिनायकवाद के बादल को हटाया जा सके.

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