जदयू नेताओं की शिकायत में भी नहीं था तेजस्वी का नाम : राजद

पटना (नियाज़ आलम) : राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा है कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई द्वारा की गई एफआईआर पूर्ण रूप से एक राजनीतिक साज़िश है. किसी भी रूप में यह भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता है. कुछ लोग जबर्दस्ती इस राजनीतिक केस को भ्रष्टाचार का रूप देने में लगे हैं. राजनीतिक मामलों के लिये अलग से आईपीसी की धारा नहीं होती, बल्कि केस की प्रकृति और परिस्थिती के आधार पर हीं उसे राजनीतिक केस माना जाता है और इस केस की प्रकृति और परिस्थिती ही यह स्पष्ट करती है कि राजनीतिक प्रतिशोध में ही तेजस्वी यादव को अभियुक्त बनाया गया है.

उन्होंने इसके पीछे तर्क देते हुए कहा – 1 . सीबीआई कोर्ट अथवा सीबीआई में किसी ने तेजस्वी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की थी और न किसी एजेन्सी ने सीबीआई से इस मामले की जांच का आग्रह किया था और न आदेश दिया था.

2 . जिस समय की घटना है उस समय तेजस्वी की उम्र तेरह वर्ष के लगभग थी और वे नाबालिग थे. उस समय वे किसी ऐसे
पद पर नहीं थे जो किसी साजिश को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकें.

3 . घटना के समय वे इस प्रकरण से जुड़े किसी संस्था या एजेन्सी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुये नहीं थे.

4 . कहा जा रहा है कि 2008 में ही जदयू के कुछ लोगों द्वारा इस संबंध में शिकायत की गई थी और उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. उस शिकायत पत्र में भी तेजस्वी यादव की कोई चर्चा नहीं है. तो फिर तेजस्वी यादव को नाम एफआईआर में कैसे आ गया. एक और सवाल उठता है कि आखिर क्या कारण था कि इतने दिनों के बाद उस मामले को लेकर सीबीआई द्वारा स्वयं एफआईआर किया गया है. जबकि सीबीआई के पास व्यापम घोटाले जैसे सैकड़ों महत्वपूर्ण मामले की जांच पेन्डिंग पड़ा हुआ है.

यह भी आश्चर्य की बात है कि केन्द्र में पिछले तीन साल से ज्यादा दिनों से एनडीए की सरकार है. जो परिस्थितियां है उससे स्पष्ट है कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ एक बहुत बड़ी साज़िश रची गई है. पिछले 20 माह के कार्यकाल में तेजस्वी यादव की जो छवि बनी है, इससे कुछ लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

उन्होंने कहा कि अपने विभागों के कामों द्वारा बिहार के विकास के प्रति उन्होंने जो लकीर खींच दी है, विरोधी उसे पचा नहीं पा रहे हैं. इतने दिनों में उन पर कोई आरोप नहीं लगे हैं. भ्रष्टाचार और अपराध के प्रति वे खुद जीरो टॉलरेंस के जबर्दस्त पैरोकार हैं. आज उनकी जन स्वीकार्यता और लोकप्रियता दिन पर दिन बढ़ती जा रही है.

राजद नेता ने कहा है कि भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगाकर उन्हें राजनीतिक साजीश का शिकार बनाया जा रहा है. यदि साजिशकर्ता अपने मिशन में कामयाब होते हैं तो यह लोकतंत्र के लिये घातक होगा और इसी प्रकार झूठा एफआईआर दर्ज कर विरोधियों को परेशान करने की परम्परा शुरू हो जायेगी. भले हीं बाद में न्यायालय द्वारा उसे झूठा ही क्यों न करार दिया जाये.

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