कड़ी सिक्योरिटी में विधानसभा का विशेष सत्र, लगी धारा 144-हजार पुलिसवाले तैनात

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पटना : 28 जुलाई से बिहार विधानसभा का विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है. बदले राजनीतिक माहौल में शुरू हो रहे इस विशेष सत्र को लेकर पटना डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन व पुलिस की ओर से सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इस बार सिक्योरिटी इंतजाम को पहले की अपेक्षा काफी टाइट कर दिया गया है. विधानसभा, ओल्ड सचिवालय और राजभवन एरिया में पुलिस का कड़ा पहरा होगा.

सत्र के दौरान विधानसभा आने वाले सभी एमएलए और एमएलसी को पुलिस की सख्त जांच से होकर गुजरना होगा. अपनी पहचान दिखानी होगी. सत्र के लिए बनाया गया एंट्री कार्ड भी दिखाना होगा. बगैर आईडी कार्ड दिखाए एंट्री पर रोक लगा दी गई है. सत्र चलने तक ये व्यवस्था विधानसभा और ओल्ड सचिवालय में काम करने वाले स्टाफ पर भी लागू होगी. मीडिया की टीम को भी अपना आइडी कार्ड दिखाना होगा. कैंपस में आने वाले हर एक गाड़ी की चेकिंग अच्छे से होगी. ज्वाइंट ब्रिफिंग के तहत पटना के डीएम संजय अग्रवाल और एसएसपी मनु महाराज ने गुरुवार को कई सख्त निर्देश दिए.

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लागू है धारा 144

विधान सभा कैंपस के 200 मीटर के एरिया में सीआरपीसी की धारा 144 को लागू कर दिया गया है. इसके तहत निषेधाज्ञा लागू हो गई है. अब सत्र चलने तक किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस पर पूरी तरह से रोक रहेगी. डीएम ने साफ निर्देश दिया है कि पदाधिकारियों को हर हाल में सुबह 8 बजे से अपने प्रतिनियुक्ति जगह पर पहुंच जाना होगा. लेट आने वाले और गायब रहने वाले पदाधिकारियों से सख्ती से भी निपटा जाएगा. डीएम ने सभी को एक जरूरी हिदायत देते हुए कहा कि चेकिंग के दौरान पदाधिकारियों और पुलिस की टीम को अपना व्यवहारा शालिन और विनम्र रखना होगा.

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1000 पुलिसवालों की हुई तैनाती

विधानसभा के हर एक कोने पर पुलिस वालों की नजर होगी. चप्पे चप्पे पर पुलिस वालों का पहरा होगा. संदिग्धों पे कड़ी नजर रखी जायेगी. टाइट सिक्योरिटी के लिए एसएसपी मनु महाराज खुद पूरे अरेंजमेंट्स को देख रहे हैं. 1000 पुलिस फोर्स की तैनाती पूरे सत्र के लिए की गई है. इनमें से कई पुलिस वाले सिविल में भी पूरे सत्र के दरम्यान कैम्पस में निगरानी रखेंगे. वहीं सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रखी जायेगी. डीएम ने सिटी एसपी सेंट्रल चंदन कुशवाहा को सुबह से ही खुद मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है.

ये है कड़ी सेक्योरिटी की वजह

विधानसभा के बाहरी परिसर में ही नहीं बल्कि अंदर भी टाइट सेक्योरिटी रहेगी. जिस जगह पे सारे नेता बैठेंगे, उन जगहों की अच्छे से जांच की जायेगी. बम और डॉग स्क्वायड की टीम नेताओं के बैठने वाले हर एक जगह को अच्छे से खंगालेगी. दरअसल, इस पूरी कवायद के पिछे बड़ी वजह है. एक तो अचानक से बदला बिहार का राजनीतिक माहौल है. जबकि दूसरा बड़ा कारण हाल ही में उत्तर प्रदेश के विधानसभा के अंदर नेताओं के बैठने वाली एक सीट के नीचे से विस्फोटक पदार्थ पाए गए थे. जिसके बाद वहां की सुरक्षा एजेंसियों की नींद ही उड़ गई थी. इस घटना को ध्यान में रखते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी की तरफ से भी कई इंस्ट्रक्शन दिए गए हैं.