पटना : CM के आने के पहले VIP पंक्ति से हटाये गये चौधरी और श्‍याम रजक

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श्याम रजक और उदय नारायण चौधरी

– वीरेन्‍द्र कुमार यादव –

पटना : किस्‍सा बिहार विधान सभा के पूर्व अध्‍यक्ष उदय नारायण चौधरी और पूर्व मंत्री श्‍याम रजक का है. दोनों बिहार के दलित नेता हैं. अब मान लिया जाना चाहिए कि दोनों के दिन जदयू में लद गये हैं. मंडे को दोनों ने संयुक्‍त प्रेस-कांफ्रेंस की थी. वंचित समाज के लिए लड़ने को बोले थे. किससे लड़ते, केन्‍द्र और राज्‍य दोनों में सरकारें अपनी है. जाहिर तौर पर जदयू को दोनों के तेवर अच्‍छे नहीं लगे हैं. आज मंगलवार को जदयू के प्रदेश अध्‍यक्ष वशिष्‍ठ नारायण सिंह ने दोनों को दो टूक सुना भी दिया है. पर इसके पहले आज ही मार्निंग में दोनों के साथ जैसा हुआ, वे जान गये कि आगे आने वाले दिनों में हालत क्‍या होने वाली है.

आज 31 अक्‍तूबर को सरदार पटेल की जयंती है. राजकीय समारोह का आयोजन था. माल्‍यार्पण करने राज्‍यपाल और मुख्‍य मंत्री को आना था. उदय नारायण चौधरी और श्‍याम रजक भी सोमवार के अपने प्रेस कांफ्रेंस के बाद नीतीश कुमार से नहीं मिले थे. आमने-सामने होकर रिस्‍पांस को जानना चाहते होंगे. ऐसे में, पटेल जयंती से बेहतर कोई मौका नहीं मिलता.

तौलिया वाली कुर्सी पंक्ति से हटाये जाने के बाद सामान्य प्लास्टिक की कुर्सी पर जा बैठे से उदय नारायण चौधरी और श्याम रजक

समारोह स्‍थल पर आज सबसे पहले शिक्षा मंत्री कृष्‍णनंदन प्रसाद वर्मा पहुंचे थे. जिधर राज्‍यपाल-मुख्‍य मंत्री को बैठना था, उधर आगे की दो पंक्ति वीआईपी मेहमानों के लिए आरक्षित थी. इस श्रेणी में पहले भी उदय नारायध चौधरी और श्‍याम रजक बैठते रहे हैं. चौधरी विधान सभा का चुनाव भले हार गये हों, रजक तो फुलवारीशरीफ के जदयू विधायक हैं.

शिक्षा मंत्री के बाद समारोह स्‍थल पर श्‍याम रजक आये. पहली पंक्ति छोड़ वे आगे से दूसरी पंक्ति में बैठ गये. इस पंक्ति की कुर्सियों पर भी तौलिया लगा था. कुछ मिनटों बाद उदय नारायण चौधरी आ गये. वे सीधे पहली पंक्ति में जाकर बैठ गये और शिक्षा मंत्री कृश्‍णनंदन प्रसाद वर्मा से बातें करने लगे.

कुछ ही देर बाद मुख्‍य मंत्री के आने का पूर्वानुमान होने लगा. सुरक्षा वाले हरकत में आ गये. फिर जो हुआ, वह सपने में भी उदय नारायण चौधरी और श्‍याम रजक नहीं सोच सकते थे. सिक्‍योरिटी वाले उदय नारायण चौधरी और श्‍याम रजक के करीब गये. कहा – आपको यहां से हट दूसरी जगह जाकर बैठना होगा. झेंपे हुए दोनों नेता अपने स्‍थान से हटकर बिना तौलिया वाली प्‍लास्टिक कुर्सियों की पंक्ति में चले गये.

अब मुख्‍य मंत्री नीतीश कुमार के आने के पहले समारोह स्‍थल पर पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव आ गये. वे शिक्षा मंत्री कृष्‍णनंदन प्रसाद वर्मा के पास जाकर पहली पंक्ति में बैठ गये. थोड़ी देर में ही मुख्‍य मंत्री नीतीश कुमार आ गये. अंत में, शिड्यूल के मुताबिक राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक आये.

नंदकिशोर यादव की पहल के बाद फिर से VIP पंक्ति में आ गए उदय नारायण चौधरी और श्याम रजक

सभी विशिष्‍ट अतिथियों के आ जाने के बाद भी पहली पंक्ति में, जहां राज्‍यपाल-मुख्‍य मंत्री अपने मंत्रियों समेत बैठे थे, बांयें-दांयें में दो कुर्सियां खाली पड़ी थी. अब जाने जिसकी नजर पड़ी, खाली दो कुर्सियों को भरने के लिए पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने पहल शुरु कर दी. उन्‍होंने पहले उदय नारायण चौधरी को आने को कहा. वे तुरंत आ गये. अब श्‍याम रजक से नंदकिशोर यादव बोले. श्‍याम रजक तुरंत नहीं माने. लेकिन जब नंदकिशोर यादव ने बार-बार अनुरोध किया,तो वे इधर आ गये.

सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

माल्‍यार्पण के बाद समारोह का समापन हुआ. लेकिन इसके साथ ही यह खबर तेजी से फैली कि कैसे तौलिया वाली कुर्सियों से पहले उदय नारायण चौधरी – श्‍याम रजक हटाये गये और बाद में बुलाये गये. राजनैतिक लोग अपने-अपने नजरिये से अर्थ का अर्थार्थ निकालने में लग गये हैं.

(यह आलेख स्वतंत्र पत्रकार वीरेन्‍द्र कुमार यादव का है, जो समारोह स्थल पर मौजूद थे. डिस्‍क्‍लेमर : इस आलेख में व्‍यक्‍त किये गये विचार और तथ्‍य लेखक के हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्‍यावहारिकता अथवा सच्‍चाई के प्रति LiveCities उत्‍तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्‍यों की त्‍यों प्रस्‍तुत की गई है. कोई भी सूचना अथवा व्‍यक्‍त किये गये विचार LiveCities के नहीं हैं तथा LiveCities उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्‍तरदायी नहीं है.)