AICC की सेक्रेटरी बनीं रंजीत रंजन, चुनाव वाले हिमाचल का जिम्मा भी

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नई दिल्ली : कांग्रेस प्रेसीडेंट सोनिया गाँधी और वाइस प्रेसीडेंट राहुल गाँधी ने बिहार के सुपौल की सांसद रंजीत रंजन पर बड़ा भरोसा जताया है. रंजीत रंजन को आल इंडिया कांग्रेस कमिटी का सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही उन्हें नवनियुक्त जनरल सेक्रेटरी सुशील कुमार शिंदे के साथ चुनाव वाले हिमाचल प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है.

बताते चलें कि रंजीत रंजन मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव की पत्नी हैं. दूसरी बार सांसद बनीं हैं. रंजीत रंजन ने अपनी ख्याति स्वयं के तरीके से हासिल की है. राहुल गांधी के भरोसे की टीम में वह पहले ही आ गईं थीं. संसद में रंजीत रंजन जोरदार बहस के लिए जानी जाती हैं. बहस की क्षमता को पहचान कांग्रेस नेतृत्व ने कई माह पहले ही उन्हें टीवी चैनलों पर पार्टी का पक्ष रखने को अधिकृत कर दिया था.

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रंजीत रंजन को हिमाचल प्रदेश का प्रभार सौंपे जाने की खास वजह भी है. कारण यह कि रंजन की पृष्ठभूमि बिहार के अलावा पंजाब और जम्मू-कश्मीर से भी जुड़ी है. वह हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ पंजाबी भी ठीक से बोलती हैं. अभी जब नरेंद्र मोदी की सरकार ने तीन वर्ष पूरा किया, तो कांग्रेस ने देश भर में ‘देश का सच’ बताने को प्रेस वार्ताओं का आयोजन किया था. इसमें जम्मू, पंजाब और रांची के अलावा रंजीत रंजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी प्रेस कांफ्रेंस करने का प्रभार दिया गया था.

AICC की सेक्रेटरी नियुक्त किये जाने के बाद रंजीत रंजन को बिहार के कांग्रेस नेताओं ने भी बधाई देनी शुरू कर दी है. 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के महालहर के बावजूद सुपौल में रंजीत रंजन के चुनाव जीत जाने की स्थानीय वजह लोग बताते हैं कि बाढ़ प्रभावित इस क्षेत्र में लोग उन्हें ‘बाढ़ की बेटी’ के रूप में याद करते हैं. मतलब यह कि जब विपदा आई, वह अपने लोगों के पास रहीं.

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