सुमो की चुनौती : हिम्मत है तो ललन चौधरी को मीडिया के सामने हाजिर करें लालू प्रसाद

लाइव सिटीज डेस्क : भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी एक बार फिर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनकी फैमिली पर हमला बोला है. सुमो ने कहा कि रेलमंत्री रहने के दौरान लालू प्रसाद ने मुंगेर, तारापुर के रत्नेश्वर  यादव को पहुंचाये गए लाभ के एवज में पटना शहर की कीमती जमीन अपने जानवरों को चारा खिलाने वाले ललन चौधरी के नाम पर लिखवा कर बाद में उसकी कीमत महज 31 लाख बता कर राबड़ी देवी के नाम से दान में लिखवा कर हासिल कर लिया. कौन है यह ललन चौधरी? लालू प्रसाद में अगर हिम्मत है तो उसे मीडिया के सामने हाजिर करें. 

सुमो ने पूछा कि  क्या ललन चौधरी एक मुखौटा है? अगर वास्तविक संपत्ति  ललन चौधरी की रहती तो खरीदने के पांच साल बाद ही सगुना, नयाटोला की एक करोड़ बाजार मूल्य की सम्पति उसने राबड़ी देवी को क्यों दान कर दिया? क्या राबड़ी देवी ने आयकर विभाग की आंख में धूल झोंकने के लिए एक करोड़ की सम्पति को मात्र 31 लाख की कीमत दिखा कर दान में ले लिया? क्या राबड़ी देवी ने इस दान की सम्पति पर आयकर भुगतान किया है?  



सुमो ने आगे कहा कि राबड़ी देवी अपनी चुप्पी तोड़े और बतायें कि ललन चौधरी कौन है? ललन चौधरी को उन्होंने क्या और किस तरह से आर्थिक मदद की थी? उसने अपनी एक करोड़ रुपये बाजार मूल्य की सम्पति मात्र 31 लाख की कीमत बता कर उन्हें क्यों दान कर दिया? लालू प्रसाद खुलासा करें कि रेलमंत्री रहते रत्नेश्वर यादव को क्या लाभ पहुंचाया था कि राबड़ी देवी को दान करने के लिए उसने अपनी जमीन ललन चौधरी को लिख दिया?

सुमो ने शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाये सवाल

सुमो ने कहा कि प्रदेश के 3500 सरकारी प्लस-टू स्कूलों में फिजिक्स के सिर्फ 7 शिक्षक हैं और ये सभी केवल पटना जिले में पदस्थापित हैं. बाकी 37 जिलों में भौतिक विज्ञान की पढ़ाई बिना विषय-शिक्षक के चल रही है. जो सात शिक्षक कार्यरत हैं, उनमें से तीन ही नियमित हैं. अब अगर इंटर साइंस के 4 लाख 51 हजार से ज्यादा छात्र फेल हुए तो क्या नीतीश सरकार को कोई जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए ?  

लालू और मीसा पर आईटी के छापे को ले साधा निशाना

सुमो ने कहा कि 1000 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति के मामले में 22 ठिकानों पर आयकर का  छापा पड़ने के बाद पूछताछ के लिए बुलाने पर मीसा भारती नहीं गईं। उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर अगली पेशी के लिए सम्मन जारी किया गया. अब लालू प्रसाद को नहीं पूछना पड़ेगा कि छापे कहां और किसके यहां पड़े थे

एनडीए सरकार की तारीफ में सुमो ने कहा-

तीन साल में एनडीए सरकार ने उच्च कृषि शिक्षा के बजट में 47.4 फीसद की वृद्धि कर कृषि विश्वविद्यालयों में 162 नई अनुभवजन्य शिक्षण इकाइयां प्रारंभ कीं। बिहार के राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय को अपग्रेड किया गया। 2022 तक उन्नत खेती से किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है.

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