‘MLA-MP-Minister बनाने के लिए संपत्ति लिखवा लेते हैं लालू प्रसाद’

नई दिल्ली : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेनामी संपत्ति का खुलासा करने के लिए बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज भाजपा हेडक्वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस किया. उन्होंने कहा कि पिछले 90 दिनों से लगातार लालू प्रसाद की बेनामी संपत्ति का खुलासा वे कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. अभी बहुत कुछ खुलना बाकी है.

मोदी ने प्रेस कांफ्रेंस में निम्नलिखित तथ्य लालू प्रसाद के संबंध में मीडिया के समक्ष रखा है –

1 .  पिछले 12 वर्षों में बिना किसी व्यापार,उद्योग, ठेकेदारी के श्री लालू प्रसाद यादव का परिवार 125 से ज्यादा संपत्ति का मालिक है.

2 .  इसके अतिरिक्त 7कंपनियों के माध्यम से दिल्ली, पटना,कोलकाता, औरंगाबाद में करोड़ों की ज़मीन के मालिक हैं.

3 .  पटना में 7 लाख,76 हज़ार वर्गफुट का12 मंजिला बिहार का सबसे बड़ा निर्माणाधीन मॉल, पटना में पेट्रोल पंप, दिल्ली में 1088-न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में 4 मंजिला मकान, पटना में 18 फ्लैट्स सहित दर्जनों शहरी संपत्ति के मालिक हैं.

4 . ये अधिकांश संपत्ति लालू प्रसाद के रेल मंत्री (2004-09) या राबड़ी देवी के सीएम का नाते दूसरे कार्यकाल (2000-05) के दौरान खरीदी गयी है.

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मोदी ने कहा कि इन सम्पत्तियों को हासिल करने का Modus Operandi यह था –

शैल कंपनियों के माध्यम से

1 . बंद पड़ी या कुछ नयी शैल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया.

2 . इन कंपनियों में कोई कर्मचारी,टर्नओवर, व्यापार नहीं.

3 . काले धन की बोगस एंट्री दिखाकर कंपनी में ब्याज रहित ऋण दिखाया गया.

4 . इस लोन से दिल्ली,पटना में कीमती जमीन खरीदी गयी.

5 . कुछ वर्षों के बाद लालू परिवार ने कंपनी की पूरी शेयर होल्डिंग्स और कंपनी की डायरेक्टरशिप अपने कब्जे में ले ली.

6 .  इस प्रकार मामूली पूंजी से शेयर खरीदकर करोड़ों की संपत्ति सहित कंपनी के मालिक बन गए.

7 . आखिर प्रेम चंद गुप्ता, ओम प्रकाश कत्याल, अशोक बंथिया, विवेक नागपाल, पी. सरावगी जैसे उद्योगपतियों ने क्यों अपनी कंपनी लालू परिवार को सौंप दी.

गिफ्ट के माध्यम से जमीन लिखवा लेना (मंत्री, एमएलए, एमपी बनने के लिए)

1 . रघुनाथ झा एवं कांति सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री से

2 . स्व. ब्रज बिहारी प्रसाद, पूर्व मंत्री, बिहार सरकार की पत्नी रमा देवी से.

3 . बीपीएल कार्डधारी ललन चौधरी और रेलवे में खलासी हृदयानंद चौधरी से.

4 . प्रभु नाथ यादव, सुभाष चौधरी से.

मामूली पैसा देकर इनसे जमीन लिखवा लिया

1 . अब्दुल बारी सिद्दीकी, वित्त मंत्री,बिहार, स्व. सुधा श्रीवास्तव, पूर्व मंत्री,बिहार, स्व बादशाह आज़ाद, पूर्व एमएलसी आदि से लाखों की जमीन मात्र 37 हजार में लिखवा लिया.

काम के बदले जमीन

1 . जिन लोगों को रेलवे में नौकरी/ठेका/या अन्य मदद की गयी उनसे बदले में परिवार के सदस्यों के नाम जमीन लिखवा ली गयी.

2 . बहुत सारी जमीन अपना ही ब्लैक मनी देकर दूसरे के नाम से ख़रीदा गया और कुछ वर्षों बाद उसको गिफ्ट या ट्रांसफर दिखला दिया गया.

3 . आज लालू प्रसाद बिहार के सबसे बड़े जमींदार हैं.

अभी तक आईटी विभाग एवं अन्य की कार्रवाई

1 . बिना एनवायरनमेंट क्लीयरेंस के  750 करोड़ के निर्माणाधीन मॉल पर केंद्र सरकार द्वारा रोक एवं आईटी द्वारा प्रोविजिनल अटैचमेंट.

2 . पटना के पेट्रोल पंप पर रोक और जमीन प्रोविजिनली अटैच्ड.

3 . इसके अलावा दिल्ली के बिजवासन फार्म और डी-1088,फ्रैंड्स कॉलोनी स्थित4 मंजिला मकान प्रोविजिनली अटैच्ड.

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