लापता शबनम और सुप्रिया ओझा की जांच अब CBI के हवाले

cbi
cbi रिश्वत मामला

लाइव सिटीज डेस्कः पटना हाईकोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सीबीआई ने दो महिलाओं की गुमशुदगी की जांच शुरु कर दी है. पहले मामले में शबनम आरा जो कि 2006 से लापता हैं. शबनम 10 साल पहले अचानक लापता हो गईं थीं. वहीं दूसरा मामला झारखंड के जामताड़ा जिला निवासी की सुप्रिया ओझा का है. सुप्रीया 2010 में धनबाद से गायब हो गईं थीं. दोनों ही मामलों में सीबीआई की विशेष क्राइम ब्रांच शाखा जांच कर रही है.

2007 से लापता हैं शबनम

सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के एसपी रोहित कपूर ने बताया कि शबनम की गुमशुदगी का मामला मूल रूप से तीन साल पहले प्रकाश में आया. मधुबनी जिले के टाउन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुआ. शबनम की फिरोज अहमद नाम के व्यक्ति से हुई थी. जो 2006 में बंगलौर में रह रहा था.

शबनम के परिजनों से पूछताछ में पता चला कि परिवार ने 2007 में उसके संपर्क खो दिया. वहीं शबनम के परिजनों के पूछे जाने पर फिरोज के माता-पिता ने कहा था कि व अपने पति के साथ नीदरलैंड चली गई है. जिसके बाद से उन दोनों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है.

शबनम के पति पर गायब करवाने का आरोप

उधर शबनम के भाई ने सीबीआई की पूछताछ में पति अहमद पर गंभीर आरोप लगाए हैं. भाई नसीम ने एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमे कहा गया है कि, मेरी बहन को उसके पति ने गायब करवाया है. मेरी बहन को अपने पति के क्रूरता का सामना करना पड़ा है.

2010 में धनबाद से गायब हो गई थीं सुप्रिया

वहीं दूसरे मामले में झारखंड की जामताड़ा निवासी सुप्रिया ओझा की गुमशुदगी की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई है. बता दें कि सुप्रिया ओझा भुवनेश्वर कॉलेज से एमबीए से ग्राजुएट थीं. सितंबर 2010 में रिटेल आउटलेट में भाग लेने के धनबाद आईं थीं. जिसके बाद वो अचानक लापता हो गईं. अब तक कोई पता नहीं चल सका. पिता द्वारा बेटी के लापता होने की रिपोर्ट 9 नवंबर को जामताड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई. लेकिन बेटी का कुछ पता न चल सका. बाद में सदमे से पिता मंटोश कुमार ओझा की मौत हो गई.

फिलहाल इन दोनों मामलों में पटना हाईकोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की विशेष क्राइम ब्रांच शाखा जांच कर रही है. जांच के बाद सीबीआई अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी.

यह भी पढ़ें-
दैनिक वेतनभोगियों की सेवा होगी स्थायी, मिलेगा वेतनमान