बिहार में शराबबंदी कानून पर सरकार का बड़ा फैसला, इन जगहों पर शराब रखने की अनुमति

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बुधवार को हुई बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में बिहार के शराबबंदी कानून में बदलाव करते हुए मद्य निषेध और उत्पाद नियमावली 2021 को अपनी स्वीकृति दे दी. इसमें मद्य निषेध से जुड़े कई नियमों को स्पष्ट किया गया है. अब अगर किसी परिसर में शराब का निर्माण, भंडारण, बोतल बंदी, बिक्री या आयात-निर्यात होता है, तो वैसे पूरे परिसर को सीलबंद कर दिया जाएगा. इसके अलावा छावनी क्षेत्र एवं मिलिट्री स्टेशन को शराब भंडारित करने की अनुमति होगी, मगर कैंटोनमेंट क्षेत्र से बाहर किसी भी कार्यरत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को शराब रखने या उपभोग करने की अनुमति नहीं होगी.

प्रविधान के तहत, अनाज एथनाल उत्पादित करने वाली अनाज आधारित डिस्टलरी की गतिविधि 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संचालित होगी. साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि मादक द्रव्य से लदे वाहनों को राज्य सीमा में घोषित चेकपोस्ट से ही आने-जाने की अनुमति होगी. ऐसे वाहनों को हर हाल में 24 घंटे के अंदर राज्य की सीमा से बाहर निकल जाना होगा. निर्धारित रूट पर जैसे ही शराब लदी गाड़ी राज्य की सीमा में प्रवेश करेगी इसमें डिजिटल लॉक लग जाएगा.

जानकारी हो कि बिहार में अप्रैल 2016 में शराबबंदी कानून लागू किया गया था. महिलाओं के अनुरोध पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी करने का फैसला लिये थे. शराबबंदी से हर साल 5000 करोड़ से अधिक राजस्व नुकसान बिहार सरकार को हो रहा है. लेकिन सीएम नीतीश कुमार शराबबंदी कानून को जारी रखना चाहते हैं. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने पूर्ण शराबबंदी कानून को सराहा है. विधानसभा चुनाव में भी इस बात पर मुहर लगी है. विधानसभा चुनाव में जहां 54.38 प्रतिशत पुरुषों ने वहीं 59.58% महिलाओं ने मतदान किया था.