हाबड़ा-कालका मेल नहीं, अब नेताजी एक्सप्रेस होगा इस ट्रेन का नाम, रेलवे ने जारी किया आदेश

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : हावड़ा-कालका मेल का नाम अब नेताजी एक्‍सप्रेस होगा. जी हां ताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर रेलवे की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है. इस बात की जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर दी है. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा “नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्राकट्य ने भारत को स्वतंत्रता और विकास के एक्सप्रेस मार्ग पर आगे बढ़ाया था, “मैं उनकी जयंती के मौके पर नेताजी एक्सप्रेस की शुरुआत के साथ बेहद रोमांचित हूं”

हावड़ा कालका मेल भारतीय रेल की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक है.इसके नाम में बदलाव की वजह ये भी हो सकती है कि  80 साल पहले इसी ट्रेन से नेताजी सुभाष चंद्र बोस गुम हुए थे. जिसके बाद से नेताजी कभी वापस नहीं आए और अब उन्हीं की याद में नेता जी जयंती पर ये बड़ा फैसला लिया गया है. मंगलवार को रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर कोचिंग राजेश कुमार ने इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया.



आपको बता दें कि एक जनवरी 1866 को कालका मेल पहली बार चली थी. उस वक्त इस ट्रेन का नाम 63 अप हावड़ा पेशावर एक्सप्रेस था.18 जनवरी 1941 को फिरंगियों को चकमा देकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस इसी ट्रेन पर धनबाद जिले के गोमो जंक्शन से सवार होकर निकले थे. उसके 80 साल बीत जाने के बाद भी वो वापस नहीं लौटे.

नेताजी की यादों से जुड़ी होने के कारण ही रेलवे ने कालका मेल का नामकरण नेताजी एक्सप्रेस के रूप में किया है. इससे पहले तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने 23 जनवरी 2009 को धनबाद जिले के गोमो जंक्शन का नामकरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन गोमो किया था. हावड़ा कालका मेल अभी स्पेशल ट्रेन बनकर चल रही है. इस ट्रेन के नियमित बनकर चलने के साथ ही इसके नाम में बदलाव प्रभावी होगा.