अमित शाह के बेटे जय शाह पर बोले रघुवंश, क्यों नहीं हो रही मामले की जांच

Raghuvansh
रघुवंश प्रसाद (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : अपने बिंदास बयान को लेकर हमेशा ही चर्चा में रहते हैं राजद के वरीय नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह. जरूरत पड़ती है तो वे लालू प्रसाद के खिलाफ भी बोलने से नहीं हिचकते हैं. सिद्धांत को लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ भी बोलते हैं. लेकिन वे यह भी कहते हैं कि हमने नीतीश के खिलाफ कभी भी व्यक्ति कमेंट नहीं किया हूं. उन्होंने इस बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे को लेकर बयान दिया है.

बता दें कि इन दिनों देश की सियासत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ साथ उनके बेटे जय अमित शाह भी छाये हुए हैं. अमित शाह के बेटे की कंपनी टेंपल इंटरप्राइजेज का ट्रांजक्शन अचानक 16 हजार गुना बढ़ गया. यह खबर मीडिया में आते ही हंगामा मच गया. इसी पर राजद के वरीय नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने करारा हमला किया है.

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद व उनके ​बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाकर सीबीआई, ईडी से लेकर आईटी तक जांच कर रही है. लेकिर यही एजेंसियां अमित शाह के बेटे जय शाह की संपत्ति की क्यों नहीं जांच कर रही है. इसे राजनीतिक साजिश नहीं कहें तो क्या कहें. उन्होंने कहा कि इससे तो साफ लगता है लालू प्रसाद और उनके परिवार को राजनीतिक साजिश के तहत परेशान किया जा रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद की एक ही गलती है कि उन्होंने समाज के अंतिम पायदान तक पड़े लोगों को सामने लाये. उन्होंने समाज के दबे-कुचले लोगों के मुंह में आवाज दी. उन्हें अपने हक के लिए आवाज उठाना सिखाया. यह बात लालू प्रसाद के विरोधी भी अंदर से स्वीकार करते हैं. राजनीतिक गलियारे में भी जब कोई मुद्दा विरोधियों को नहीं मिलता है तो बेवजह का आरोप लगाकर वे सब हल्ला मचाते रहते हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि एक तरह तो अमित शाह के बेटे को कोई देखनेवाला नहीं है. लेकिन लालू प्रसाद ही नहीं मायावती, मुलायम सिंह यादव को सीबीआई का डर दिखाया जाता है. उन्होंने कहा कि ये सारे नेता पिछड़े वर्ग, दलित और अनुसूचित वर्गों की आवाज हैं. उन्होंने नीतीश कुमार के मुद्दे पर भी पत्रकारों के समक्ष अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार के खिलाफ व्यक्तिगत कमेंट कभी नहीं किया हूं. हां, सिद्धांत पर बोलने से हम चूकते भी नहीं हैं. मैंने कई बार उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाया लेकिन मेरी तर्क को किसी ने काटा नहीं.