ले लोट्टा… चूहों ने छोड़ दिया लड्डू खाना, अब वो ‘पीने’ लगे हैं…

लाइव सिटीज डेस्क : आज दीपावली है. यह भी जगजाहिर है कि दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश के साथ ही चूहे की भी पूजा होती है. गणेश जी की सवारी चूहा ही है. माई फ्रेंड गणेशा जैसी फिल्मों से लेकर कथा-कहानियों के अनुसार चूहे को लड्डू प्रिय है. क्योंकि यह गणेश जी को प्रिय है. लेकिन बिहार के साथ देश के कई भागों से आ रही सूचना के अनुसार चूहे अब लड्डू की बजाय दारू से लेकर चरस तक खा-पी रहे हैं. अब झारखंड से भी ऐसी ही खबर छन कर आ रही है.

जी हां, झारखंड के गढ़वा का मामला है. सूत्रों की मानें तो चूहों ने गढ़वा में लाखों रुपये के कैल्सियम पी गये हैं. बताया जाता है कि झारखंड सरकार की ओर से चलाये जा रहे श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के प्रयास को गढ़वा में स्थानीय पशु अस्पताल ने ठेंगा दिखाने का काम किया है. विभाग के अफसरों की लापरवाही की वजह से पशुओं को देने के लिए लाये गये लाखों का कैल्सियम (लिक्विड) बर्बाद हो गया है.

सूत्रों के अनुसार गव्य विकास निदेशालय की ओर से गढ़वा जिले को दो ट्रक कैल्सियम (ओस्टो कैल्सियम) भेजा गया था. इसे दुधारू पशुओं को देने के लिए पशुपालकों को फ्री में उपलब्ध कराना था़, लेकिन लापरवाही ऐसी रही कि किसी को बांटा ही नहीं गया. गव्य विकास विभाग सोनपुरवा में कैल्सियम को बहते हुए लोगों ने देखा भी.

फर्श पर इसके बहने के पीछे बताया जा रहा है कि चूहों ने इसे कुतर दिया. बताया जाता है सोनपुरवा स्थित नये भवन का फर्श इसकी वजह से खराब हो गया है. वहीं पशुपालकों की मानें तो 10-10 लीटर के जार में यह कैल्सियम था. इसकी बाजार कीमत प्रति जार 600-800 रुपये के बीच आती है. मामला सामने आते ही विभाग के लोगों में हडकंप मचा हुआ है.

बता दें कि पहली बार यह मामला तब ​उजागर हुआ था, जब बिहार के की राजधानी पटना में लाखों रुपये की शराब चूहे ने पी ली. इसके बाद तो चूहे बाढ़ का कारण बन गये. चूहों ने बिहार के बांध में छेद कर डाला. इतना ही नहीं इसके बाद चूहों का मामला बिहार से बाहर निकल कर मुंबई पहुंच गया. वहां चूहों ने कई लाख के चरस खा गये. सबसे दुखद घटना मुंबई में ही हुई थी, जब चूहे ने मरीज की आंख को क्षति पहुंचाने की कोशिश की, तो वहीं एक मरीज के पैर को चूहे ने कुतर दिया.