वार्ड और मुखिया की लड़ाई में उलझ गयी मुख्यमंत्री की यह योजना

गोपालगंज : देश का हृदय जहां गांवों में बसता है, वहीं गांव के सपने आजकल मुखिया और वार्ड की खींचतान के बीच उलझ कर रह गये हैं. बता दे कि मुख्यमंत्री की सात निश्चय योजना के तहत गांव की नाली-गली पक्कीकरण हर घर को नल का जल देने का सपना मुख्यामंत्री नीतीश कुमार ने सोचा था. लेकिन पंचायती राज व्यवस्था की लड़ाई में गांवों का विकास बाधित हो चुका है.

बता दें कि शासन ने गांव को पक्की नाली-गली और नल का जल देने की योजना तैयार की थी, लेकिन सरकार का सपना था की गांवों के विकास में वार्ड समिति विकास कार्यों में भागीदार बनें. लेकिन शासन की सोच पर मुखिया ने पानी फेर दिया. शासन के आदेश के खिलाफ मुखिया पटना हाईकोर्ट पहुंच गये, लेकिन अभी उनकी याचिका पर कोर्ट में कोई निर्णय नहीं आया है.

गौरतलब है कि गोपालगंज जिले में कुल 234 पंचायत एवं 3177 वार्ड है. शासन आदेश के बाद पहली किश्त 20 प्रतिशत धन राशी पंचायतों को भेज दी गई. वहीं दुसरे वर्ष 30 प्रतिशत धन राशि भी भेज दी गई. लेकिन वह पूरी की पूरी राशि उसी तरह पड़ी हुई है. हालांकि इस दोनों कार्यों के लिए दिशा निर्देश भी पिछले जून माह से आकर पड़ा हुआ है. पंचायती राज विभाग पटना से भेजे गये नल-जल के लिए निर्देश पत्रांक संख्या 5751 दिनांक 30.06.17 को पत्रांक 5752 तथा दिनांक 30.06.17 को सभी जिलों को आ चूका है.

हर घर को नल व गली नाली का पक्कीकरण के मद में जिले के 50 प्रतिशत यानि आधी पंचायतों के आधा वार्डों के लिए 13 लाख रुपये आवंटित भी हो चुके हैं. पर, जिनके जिम्मे विकास का बीड़ा था, वही उलझ कर विकास को पूरी तरह से बाधित कर रहे हैं. गांवो में पंचायती चुनाव के बाद नई व्यवस्था का गठन हुए लगभग एक वर्ष 3 माह हो गये. लेकिन विकास की गति न के बराबर है.

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