‘भाजपा को हराने को सभी लालू प्रसाद-उपेंद्र कुशवाहा-मांझी के साथ एक हों’

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के राजनीतिक गलियारे से बड़ी खबर आ रही है. महागठबंधन को लेकर एक बार फिर से नई इबारत लिखने की खिचड़ी पकने लगी है. इसे लेकर अंदरुनी गतिविधियां भी तेज होती नजर आ रही हैं. लालू प्रसाद, उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम मांझी अचानक चर्चा में आ गये हैं. अभी तक यह अंदरुनी राजनीति का हिस्सा था. लेकिन अब बात धीरे-धीरे बाहर आ रही है.

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव अब तो अपने अंदाज में इसके संकेत भी खुले में देने लगे हैं. तेजप्रताप यादव के इस संकेत का कई अर्थों में लोग मायने निकालने लगे हैं. बता दें कि मंगलवार को राजनीतिक गलियारे में तेजी से बात उभरी कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के बीच गुपचुप भेंट हुई है. इसे लाइव सिटीज ने प्रमुखता से छापा. अब तेजप्रताप का संकेत कहीं न कहीं से इसकी पुष्टि ही करता है.

पॉलिटिकल कॉरिडोर में ताजा घटनाक्रम में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने बीजेपी को हराने की चाहत रखनेवाले लोगों से अपील की है. तेजप्रताप यादप ने अपील की है कि जो लोग बीजेपी को हराना चाहते हैं वे लालू प्रसाद, उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम मांझी के साथ आएं. उन्होंने यह भी कहा कि वे विधिवत तीनों नेताओं को एक मंच पर आने के लिए न्यौता देंगे. सूत्रों की मानें तो अंदर ही अंदर वे ऐसे लोगों से संपर्क भी साध रहे हैं और उन्हें आश्वासन भी मिल रहा है.

 

गौरतलब है कि इसके संकेत उसी दिन से मिलने लगे थे, जब अचानक रालोसपा सुप्रीमो व केंद्रीय राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा रविवार को गांधी मैदान में आयोजित शिक्षा बचाओ संकल्प महासम्मेलन में बिहार की सरकारों पर हमलावर हो गये. अब इसे संयोग कहें या गेम प्लान, उसी दिन पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी अचानक नवादा में बिहार की सरकारों पर हमलावर हो गये. इससे पॉलिटिकल कॉरिडोर में चर्चा होने लगी है कि कहीं न कहीं महागठबंधन की फिर से खिचड़ी पक रही है.

मामला यहीं पर नहीं थमा है. मंगलवार को अचानक पॉलिटिकल कॉरिडोर में तेजी से बात आयी कि लालू प्रसाद व उपेंद्र कुशवाहा के बीच सोमवार की रात गुपचुप तरीके से भेंट हुई है. पॉलिटिकल एनालिस्ट की मानें तो लालू प्रसाद के दिल में अभी उपेंद्र कुशवाहा के लिए कुछ विशेष ही जगह बनी हुई है. हो रही चर्चा की मानें तो उपेंद्र कुशवाहा को बिहार के सीएम के रूप में प्रोजेक्ट किया जा सकता है. इसके संकेत इसलिए भी हैं कि गांधी मैदान के कार्यक्रम में रालोसपा नेता नागमणि ने मंच से ही हजारों की भीड़ में आवाज लगायी कि उपेंद्र कुशवाहा को बिहार का सीएम बनाया जाये.

बहरहाल पॉलिटिकल कॉरिडोर में राजद विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव के ताजा आह्वान को लालू प्रसाद व उपेंद्र कुशवाहा की गुपचुप भेंट की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. इससे यह भी अटकलें तेज हो गयी हैं कि भविष्य में कोई बड़ा राजनीतिक धमाका होने वाला है और महागठबंधन की एक नई इ​बारत फिर से लिखी जा सकती है.