LJP दो फाड़! बिहार के 6 में से 5 सांसदों ने पशुपति कुमार पारस को माना नेता; चिराग पासवान पड़े अकेले

लाइव सिटीज, पटना : बिहार में रविवार-सोमवार की आधी रात बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो गया. यूं कहें सियासी भूचाल आ गया है. तेजी से बदलते घटनाक्रम में लोजपा (LJP) दो फाड़ हो गयी है. रामविलास पासवान के निधन के सालभर के अंदर ही चिराग पासवान अकेले पड़ गए.

सियासी गलियारे से आ रही खबर के मुताबिक, लोजपा के 6 में से 5 सांसदों ने अलग गुट बना कर रामविलास पातवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस को अपना नेता मान लिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चिराग को छोड़कर लोजपा के बाकी सभी 5 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन में अलग गुट के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया है. इन पांचों सांसदों का नेतृत्व रामविलास पासवान के छोटे भाई और हाजीपुर के सांसद पशुपति नाथ पारस कर रहे हैं. 

लोजपा के अंदर मचे सियासी तूफान से पार्टी सुप्रीमो चिराग पासवान की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. संस्‍थापक रामविलास पासवान की मौत के अभी सालभर भी नहीं हुए हैं और पार्टी दो फाड़ हो गई. गौरतलब है कि लोजपा में चिराग पासवान के अलावा हाजीपुर से पशुपति कुमार पारस, समस्तीपुर से प्रिंस राज, नवादा से चंदन कुमार, वैशाली से वीणा देवी और खगाड़िया से महबूब अली कैसर अभी सांसद हैं. चिराग से खुद को अलग कर सभी सांसदों ने पशुपति कुमार पारस को अपना नेता मान लिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस तोड़ फोड़ में जदयू के एक बड़े नेता का नाम आ रहा है. 

गौरतलब है कि इसके पहले बिहार विधानसभा चुनाव में 143 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली लोजपा महज एक सीट जीत पाई थी. उसके विधायक राजकुमार सिंह मटिहानी से जीते थे. लेकिन उन्हें भी चिराग पासवान नहीं बचा सके. वे जदयू में शामिल हो गए. बता दें विधानसभा चुनाव के समय पशुपति कुमार पारस ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा की थी, लेकिन चिराग के दबाव में U-Turn ले लिया था. वहीं यह भी चर्चा है कि पशुपति कुमार पारस केंद्र मंत्री बन सकते हैं.