बड़ी कार्रवाई: सस्पेंड किए गए आलमगंज और मनेर के थानेदार, सचिवालय का हुआ लाइन क्लोज

पटना/अमित जायसवाल : पटना पुलिस के अंदर बड़ी कार्रवाई हुई है. पटना के दो थानेदारों को सस्पेंड कर दिया गया है. जबकि एक थानेदार का लाइन क्लोज कर दिया गया है. जिन दो थानेदारों को सस्पेंड किया गया है, उनमें आलमगंज के थानेदार व इंस्पेक्टर चंद्रशेखर गुप्ता और मनेर के थानेदार व सब इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह शामिल हैं. जबकि डिपार्टमेंट कार्रवाई की वजह से सचिवालय के थानेदार व इंस्पेक्टर राजेश कुमार का लाइन क्लोज कर दिया गया है. एक साथ पटना के तीन थानों में थानेदार का पोस्ट खाली हो गया है. इन तीनों ही थानों में जल्द पटना की एसएसपी गरिमा मलिक नए थानेदारों की पोस्टिंग करेंगी.

विसर्जन के दौरान बरती थी लापरवाही
आलमगंज में छठ पूजा के बाद उपद्रव हुआ था. बवाल की शुरूआत प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई थी. जिसे बाद में दूसरा ही रूप देने की कोशिश की गई थी. इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटना के डीएम कुमार रवि, एसएसपी गरिमा मलिक और सिटी एसपी ईस्ट जितेंद्र कुमार को कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी. माहौल शांत होने के बाद इस पूरे मामले की जांच हुई.  सिटी एसपी ईस्ट जितेन्द्र कुमार की जांच में थानेदार चंद्रशेखर गुप्ता की बड़ी लापरवाही सामने आई. रिपोर्ट के आधार पर पटना की एसएसपी गरिमा मलिक ने थानेदार को संस्पेंड करने की अनुशंसा रेंज आईजी संजय सिंह से की थी. फिर आईजी के निर्देश पर थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया.

शराब मामले में संदिग्ध मिली भूमिका
मनेर थाना इलाके में कुछ दिनों पहले मद्य निषेध विभाग की टीम ने छापेमारी की थी. काफी संख्या में शराब जब्त किए गए थे. शराब के धंधे में शामिल कुछ लोगों को पकड़ा भी गया था. जांच के क्रम में टीम को मनेर के थानेदार व सब इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई. इसी आधार पर मद्य निषेध विभाग के आईजी की तरफ से थानेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का एक लेटर पटना पुलिस को भेजा गया. लेटर मिलने के बाद पटना की एसएसपी गरिमा मलिक ने कार्रवाई की और शनिवार को थानेदार को सस्पेंड कर दिया.