सेवानिवृत्त चिकित्सकों को उच्च पदों पर मनोनयन का विरोध, बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने जताई आपत्ति,कहा- बढ़ेगा भ्रष्टाचार

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : राज्य सरकार के सेवा से सेवानिवृत्त हुए चिकित्सकों को पुनः विभाग के उच्च पदों पर मनोनयन का बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया है. संघ के वरीय प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ डीके सिंह ने कहा कि रिटायर हो चुके चिकित्सकों का पुनः उच्च पदों पर मनोनयन से जहां भ्रष्टाचार बढ़ेगा वही सेवा में कार्य कर रहे चिकित्सकों का प्रमोशन प्रभावित होगा. जिससे उन्हें सेवा के प्रति मन में उपेक्षा का भाव उत्पन्न होगा और आम जनों के चिकित्सा सेवा में बाधा उत्पन्न होगी.

उन्होंने तत्काल इसे रद्द करते हुए वरीयता के आधार पर उच्च पदों पर मनोनयन करने की मांग राज्य सरकार से की है. संघ के जुड़े पी के सिंह ने इस संबंध में राज्यपाल, मुख्यमंत्री ,मुख्य सचिव समेत सुबे के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर इस तरह के अनुबंध पर बहाली को रद्द करने की मांग की है.



उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि डॉ परमेश्वर पांडे को 67 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्ति दी गई लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें फिर से कारा एवं सुधार सेवाओं में स्वास्थ्य निदेशक के पद पर नियोजन के आधार पर पदस्थापन की गई है. उनका यह भी आरोप है कि डॉ श्री सिंह कारा विभाग में पदस्थापित चिकित्सकों से नजायज राशि की मांग करते हैं, नहीं देने पर उन्हें स्थानांतरण एवं अन्य तरह की कार्रवाई किए जाने की धमकी देते हैं.

इससे लोग नजायज राशि देने को विवश हो रहे हैं. इससे चिकित्सकों में भारी आक्रोश व्यप्त है. वरियताको नजरअंदाज करने से डॉक्टरो की सेवा के प्रति  सरकार द्वारा ठगा महसूस करने को विवश हो रहे हैं. स्वास्थ्य जैसे सेवाओं में सेवानिवृत्त चिकित्सकों  को संयुक्त निदेशक ,निदेशक, विभागाध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर नियोजन कर सरकार आत्मघाती कदम उठा रही है.  भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. इस प्रक्रिया परतत्काल  रोक लगाने  की मांग की है.