ये है पटना का नंबर 1 पंडाल, शहर के श्रेष्ठ 365 पंडालों में सिपारा टॉप

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: शारदीय नवरात्र चल रहा है. आज नवमी के दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा हो रही है. राजधानी पटना समेत देशभर में दुर्गा पूजा को लेकर लोगों में खुशी का माहौल है. पटना में सभी जगहों पर पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है. पूजा पंडालों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया है. पटना में हर जगह पर अलग-अलग अंदाज और नये अंदाज में माता के दरबार को सजाया गया है. अगमकुआं स्थित माता शीतला मन्दिर हो या बड़ी पटना देवी मंदिर, सभी का दरबार जगमग है. श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है.

वहीं, कोरोना संक्रमण के दो साल बाद दुर्गापुजा पंडालों में हो रहा है. इसलिए इसबार उत्साह चौगुना है. इसलिए पिछली बार से अधिक पंडाल बने है. हालंकि इसबार (57 लाख) खर्च पिछली बार 1.89 करोड़ से करीब एक तिहाई है. बता दें की पटना का नंबर 1 पंडाल इसबार सिपारा के एतवारपुर में बना है, जिसमे 20 लाख रूपया खर्च किया गया है. वहीं दूसरे नंबर पर पटना के बेलीरोड़( रूकनपुरा) का पंडाल है, जिसमे 10 लाख रूपए की खर्च की गयी है. वहीं, तीसरे नंबर पर बोरिंग कैनाल रोड़ ( आनंदपुरी ) में जिसमे 10 लाख रूपए की खर्च की गयी है.

बता दें की आज नवरात्र पर्व के अंतिम दिन है, आज मां भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप का पूजन किया जाता है. इस दिन हवन करने का बहुत बड़ा महत्व है. आचार्य ने बताया कि जब तक हवन नहीं किया जाएगा, तब तक उस पूजा में पूर्णता नहीं आएगी. हवन करने से यश की प्राप्ति होती है. मनवांछित फल मिलता है साथ ही पूजा अर्चना के दौरान जो गलती या त्रुटियां हुई है, वह हवन करने से दूर होती है. पूजा में खास करके हवन और आरती का बहुत ही महत्व है. अगर किसी प्रकार की त्रुटियां हो जाती हैं तो मां की आरती और हवन करने से मां उस गलती को क्षमा करती हैं.