हमने पंचायत राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया, आज देख लीजिए कितना सम्मान मिलता है उन्हें- नीतीश कुमार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना आखिरी सभा नालंदा के बिहार शरीफ में किया. बिहार शरीफ विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी सुनील कुमार के लिए वोट मांगा. सीएम ने कहा कि अगर बिहार में विकास की गति तेज करना है तो एक बार फिर से काम करने का मौका दीजिए. उन्होंने कहा कि जब हम सांसद थे तो हर दिन औसतन क्षेत्रों में 12 किलोमीटर तक घूमते थे और क्षेत्रों का जायजा लेते थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि नए लोगों को मालूम नहीं होगा. जब हम अपने संसदीय कार्य से यहां रहुई आए थे तो एक दिन में 18 किमी. तक पैदल चले थे.

सीएम ने कहा कि आपलोगों ने जो हमें सम्मान दिया है, उसे हम कभी भूल नहीं सकते हैं. आपका प्यार और सम्मान ही हमें यहां तक पहुंचाया है और हम आपके लिए ही लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक हम जीवित हैं, हम आपके सम्मान को नहीं भूलाएंगे. जितना हममें क्षमता है, हम उसका उपयोग आपकी सेवा करने में लगाएंगे. उन्होंने कहा कि जब हम केंद्र में मंत्री थे तब भी जितना बना हमने काम किया. लेकिन जब से बिहार में सीएम बना तब से आपने हमारे काम को अच्छे से देख लिया. किसी को कुछ बताने की जरूरत नहीं है.



बिहार के मुखिया ने कहा कि पहले जब हम इस इलाके में आते थे तो लोग हंसते हुए कहते थे कि ये काम होना चाहिए. तब हमने भी कहा कि था कि जब मौका दीजिएगा तो सारा काम हो जाएगा. उन्होंने कहा कि आज आपने हमें काम करने का मौका दिया है, तबसे देख लीजिए. सारा काम हो गया है. अब जो काम थोड़ा बच गया है, उसे अगर आप हमें आप फिर से काम करने का मौका दीजिएगा तो उसे भी पूरा कर देंगे. हमने किसी भी चीज की उपेक्षा नहीं की.

सीएम ने कहा कि जिनको मौका मिला काम करने का उन्होंने गड़बड़ कर दिया और जेल चले गए. लेकिन जाते-जाते अपनी पत्नी को बिहार की गद्दी पर बैठा गए. लेकिन महिलाओं के लिए कोई काम किया? उन्होंने कहा कि जो इनके राज में पंचायत का चुनाव हुआ वो एक ही बार करवाएं और जब करवाएं तो किसी को आरक्षण नहीं दिया. लेकिन जब हमलेगों को मौका मिला तो हमने महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया.

हमारे कार्यकाल में तीन बार चुनाव हो चुका है. महिलाओं की कितनी इज्जत बढ़ी है. हमने देखा है कि महिलाएं कितना काम करती हैं और कितनी बातों को आसानी से समझती हैं. उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोग हमारा मजाक उड़ा रहे थे, हम हंसते रहते थे. लेकिन बाद में लोगों को धीरे-धीरे पता चल गया कि महिलाओं में कितना दम है. कितनी क्षमता है उनलोगों में ये लोगों ने देख लिया.