हम अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने कहा- ये जो हम कह रहें हैं, बस सदियों का दर्द है, अभी गुस्से का इजहार कहां किया

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक दलित बच्चे के माता पिता पर 23,000 रुपये के जुर्माने को लेकर कहा कि धर्म के राजनैतिक ठेकेदारों की जबान ऐसे मामलों पर चुप हो जाती है. अब कोई कुछ नहीं बोलेगा, क्योंकि धर्म के ठेकेदारों को पसंद नहीं कि दलित मंदिर में जाएं, दलित धर्मिक कव्यों पर टिप्पणी करें.

जीतन राम मांझी ने गुरुवार को ट्वीट कर एक खबर की कटिंग शेयर की है. मांझी ने लिखा कि, “ये जो हम कह रहें हैं, बस सदियों का दर्द है, गुस्से का अब-तक हमने इजहार कहां किया.” बता दें कि अभी हाल ही जीतन राम मांझी ने एक और बयान दिया था जिसको लेकर विवाद हो रहा है.

बीते दिन मंगलवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भगवान राम के आस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया था. और उन्हें काल्पनिक करार दे दिया.हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा था कि श्रीराम कोई जीवित या महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा वह नहीं मानते हैं मगर उन्होंने स्वीकार किया कि रामायण में ऐसी बहुत सारी ज्ञान की बातें हैं जो जीवन में नुसरण करने योग्य हैं.